मंगलवार को भारतीय बाजारों में रौनक लौटी और Nifty 50 ने **22,700** का अहम स्तर फिर हासिल कर लिया। रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनी Trent के शेयर **13%** उछल गए, जिसका कारण कंपनी का शानदार रेवेन्यू ग्रोथ है। अब निवेशकों की नजरें RBI की आगामी मॉनेटरी पॉलिसी पर टिकी हैं।
बाजार की चाल और रिकवरी
मंगलवार को Nifty 50 इंडेक्स ने अपनी रिकवरी जारी रखते हुए 22,717.70 पर क्लोजिंग दी, जो कि 0.72% की बढ़त को दर्शाता है। लगातार दूसरे दिन की तेजी ने इंडेक्स को 22,700 के साइकोलॉजिकल लेवल के ऊपर धकेल दिया है। इस दौरान रिटेल और फाइनेंशियल सेक्टर में खरीदारी का जोर रहा, हालांकि IT सेक्टर में अभी भी दबाव बना हुआ है।
Trent का दमदार प्रदर्शन
मार्केट में आज सबसे ज्यादा चर्चा में रही Trent Ltd., जिसके शेयर में 13% का बड़ा उछाल आया। यह तेजी सितंबर तिमाही के बिजनेस अपडेट के बाद आई है। टाटा ग्रुप की इस रिटेल कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹5,788 करोड़ रहा है। कंपनी का Zudio रिटेल चेन अब 1,000 स्टोर्स के आंकड़े को पार कर चुका है और कुल नेटवर्क 1,342 स्टोर्स तक पहुंच गया है। कंपनी का आक्रामक विस्तार तो दिख रहा है, लेकिन बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों के बीच प्रॉफिट मार्जिन पर नजर रखना भी निवेशकों के लिए जरूरी है।
RBI की पॉलिसी पर फोकस
बाजार की नजरें अब बुधवार को आने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी पर हैं। मार्केट में चर्चा है कि रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दरें 5.50% तक पहुंच सकती हैं। ब्याज दरें बढ़ने का सीधा मतलब है कि कंपनियों और आम आदमी के लिए लोन महंगे होंगे। Trent जैसे रिटेल प्लेयर्स के लिए, बढ़ती ब्याज दरों के बीच कंज्यूमर डिमांड को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
सेक्टोरल डायवर्जेंस और रिस्क
बाजार में इस समय मिला-जुला ट्रेंड है। Nifty IT इंडेक्स में 0.6% की गिरावट देखने को मिली है। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई का दबाव भी मार्केट के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था इन महंगी दरों और वैश्विक चुनौतियों को कैसे संभालती है।
