भारतीय बाजारों में दो दिन की गिरावट के बाद आज रिकवरी देखने को मिली है। IT सेक्टर में आई जबरदस्त खरीदारी के चलते Nifty ने रफ्तार पकड़ी है, हालांकि कच्चे तेल की कीमतें **$107** के स्तर पर होने और फेडरल रिजर्व की बैठक के कारण निवेशक अभी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
बाजार की चाल और IT का दम
मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 में 178.05 अंकों की उछाल देखी गई, जिसके बाद यह 23,576.15 पर ओपन हुआ। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी ताकत IT सेक्टर बना। HCL Technologies, Infosys, Tech Mahindra और Tata Consultancy Services जैसे दिग्गज शेयरों में जमकर खरीदारी हुई, जिससे इंडेक्स को सहारा मिला। यह तेजी हालिया गिरावट के बाद एक वैल्यू बाइंग (value buying) की तरह देखी जा रही है।
ग्लोबल संकट और चुनौतियां
बाजार की रिकवरी के बावजूद चुनौतियां कम नहीं हैं। सऊदी अरब में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल $107 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। भारत के लिए क्रूड का यह स्तर ट्रेड बैलेंस और रुपये की कमजोरी के लिए बड़ा सिरदर्द है।
वहीं, फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय FOMC बैठक शुरू हो चुकी है। बाजार में 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी की 60% से 85% संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का 5% पर पहुंचना भी ग्लोबल लिक्विडिटी के लिए चिंता का विषय है, जिससे विदेशी निवेशक सतर्क हैं।
टेक्निकल और इकोनॉमिक आउटलुक
टेक्निकल जानकारों के मुताबिक, Nifty अभी एक संवेदनशील जोन में है। इंडेक्स के लिए 23,200–23,300 का सपोर्ट लेवल बेहद अहम है। अगर बाजार इस लेवल को नहीं थाम पाता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) विदेशी निवेशकों की निकासी के सामने एक ढाल का काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में फेड के आधिकारिक ऐलान और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल ही तय करेगी कि यह रिकवरी कितनी टिकाऊ है।
