भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज सुस्त रही। Nifty 50 में आज से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां Wipro इंडेक्स में शामिल हो गई है, जबकि Bombay Stock Exchange बाहर हो गया है। उधर, विदेशी निवेशकों (FIIs) की ताबड़तोड़ बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया है, जिन्होंने कल ही लगभग **₹10,000 करोड़** के शेयर बेचे हैं।
इंडेक्स का बदलाव और वोलेटिलिटी (Volatility)
आज से Nifty 50 में रीबैलेंसिंग लागू हो गई है। Wipro के शामिल होने और Bombay Stock Exchange के बाहर होने का असर पैसिव फंड्स पर पड़ेगा। इन फंड्स का करीब $97 बिलियन का एसेट बेस है, जिसे अब नए इंडेक्स के हिसाब से एडजस्ट करना होगा। इस प्रक्रिया के चलते आज ट्रेडिंग के आखिरी घंटों में शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकती है।
FIIs का रिकॉर्ड सेलिंग प्रेशर
बाजार पर सबसे भारी दबाव विदेशी निवेशकों की तरफ से है। कल का दिन पिछले चार महीनों में सबसे खराब रहा, जिसमें विदेशी संस्थानों ने ₹9,980.22 करोड़ की बिकवाली की। सितंबर महीने में अब तक $2.7 बिलियन का आउटफ्लो हो चुका है, जबकि साल की शुरुआत से अब तक यह आंकड़ा $26 बिलियन को पार कर गया है। बिकवाली का यह दबाव घरेलू खरीदारों की क्षमता से कहीं ज्यादा है, जिससे बाजार को सपोर्ट मिलना मुश्किल हो रहा है।
ग्लोबल संकेत और तकनीकी चाल (Technical Outlook)
ग्लोबल स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल $103.70 प्रति बैरल के आसपास स्थिर हुआ है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी थोड़ी राहत है, लेकिन बाजार की रिकवरी अभी दूर दिख रही है।
तकनीकी चार्ट पर Nifty 50 इस महीने करीब 5.8% लुढ़क चुका है और 22,700 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। 22,400 पर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल बना हुआ है। बाजार को फिर से मजबूत होने के लिए 22,800 के स्तर के ऊपर टिकना होगा, लेकिन भारी बिकवाली के चलते 23,000 की ओर बढ़ना फिलहाल एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
