Nifty 50 ने अपनी आठ हफ्तों की गिरावट पर लगाम लगा दी है। इंडेक्स **0.98%** की बढ़त के साथ **22,776** पर बंद हुआ। अब निवेशकों की नजरें कल आने वाले Reserve Bank of India के पॉलिसी फैसले पर टिकी हैं, जहां **25 बेसिस पॉइंट्स** की रेट बढ़ोतरी की उम्मीद है।
रिकवरी और लेवल की चुनौती
मंगलवार को Nifty 50 इंडेक्स 22,776.10 के स्तर पर बंद हुआ। 0.98% की यह उछाल काफी अहम है क्योंकि इसने आठ हफ्तों के लगातार गिरावट के दौर को तोड़ दिया है। फिलहाल बाजार 22,800 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के पास है, और तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि इस रिकवरी को टिकाऊ बनाने के लिए इसके ऊपर बने रहना बेहद जरूरी है।
RBI की पॉलिसी का असर
कल यानी 7 अक्टूबर 2026 को होने वाली Monetary Policy Committee की बैठक पर हर किसी की नजर है। बाजार ने पहले ही 25 बेसिस पॉइंट्स की रेपो रेट बढ़ोतरी को डिस्काउंट कर लिया है, जिससे दरें बढ़कर 5.50% हो सकती हैं। ब्याज दरों में बदलाव का सीधा असर कंपनियों के खर्च और कंज्यूमर स्पेंडिंग पर पड़ता है, जो बाजार के सेंटीमेंट को तय करेगा।
बाजार में तेजी के पीछे की वजहें
आज की तेजी को Brent crude की कीमतों में आई गिरावट का भी सहारा मिला, जो $100 प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है। क्रूड सस्ता होने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर इंपोर्ट का बोझ कम होता है। इसके अलावा, बैंकिंग, फार्मा और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में खरीदारी देखी गई।
जोखिम अभी बाकी है
बाजार में दो दिनों की यह तेजी अभी भी 'फ्रैजाइल' मानी जा रही है क्योंकि इंडेक्स अपने लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। 22,800–23,000 के दायरे को पार करना ही बाजार के ट्रेंड में बदलाव की पुष्टि करेगा। इसके अलावा, भारतीय रुपया दो महीने के निचले स्तर के करीब है और FIIs (Foreign Institutional Investors) की बिकवाली तथा ग्लोबल बॉन्ड यील्ड्स अभी भी मार्केट के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। कल के फैसले में RBI की कमेंट्री और महंगाई पर उनका नजरिया ही बाजार की अगली चाल तय करेगा।
