Nifty Microcap 250 इंडेक्स में शुक्रवार को **2%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार पांचवां दिन है जब बाजार लाल निशान में बंद हुआ है। इंडेक्स अब जून 2026 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
इंडेक्स की चाल और गिरावट का गणित
Nifty Microcap 250 में बिकवाली का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले पांच दिनों में ही यह इंडेक्स 7% तक गिर चुका है। सितंबर में बने अपने 26,798.50 के पीक लेवल से अब यह इंडेक्स 11% नीचे फिसल चुका है। शुक्रवार को हुई भारी बिकवाली के चलते इंडेक्स के 32 स्टॉक्स अपने 52-वीक के नए निचले स्तर पर पहुंच गए हैं।
कौन से शेयर रहे दबाव में?
इस गिरावट की चपेट में कई छोटे दिग्गज शेयर आए हैं। Aeroflex Industries में 8% की तगड़ी गिरावट देखी गई, वहीं Bluestone Jewellery, Omnitech Engineering और Aarti Pharma के शेयर 6% तक टूट गए। इसके अलावा Rallis India, E2E Networks और Rain Industries जैसे शेयरों में भी 5% की गिरावट दर्ज की गई। इंडस्ट्रियल और कमोडिटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियां जैसे Ashoka Buildcon, GSFC और National Fertilizers के लिए भी आज का दिन काफी खराब रहा।
क्यों घबरा रहे हैं निवेशक?
बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशक अब रिस्क से बच रहे हैं। इसके पीछे मुख्य वजह $114 प्रति बैरल के आसपास बनी कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें हैं, जो कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डाल रही हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अमेरिकी 10-year yield घटकर 4.96% पर आ गई है और भारतीय रुपया 94.70 पर स्थिर है।
बाजार में एक बड़ा बदलाव यह भी देखा जा रहा है कि IPO में फंसा करीब ₹3 लाख करोड़ का लिक्विडिटी जल्द ही सिस्टम में वापस आएगा। माना जा रहा है कि निवेशक अब रिस्की माइक्रो-कैप के बजाय लार्ज-कैप की स्थिरता को तरजीह देंगे। अब निवेशकों की नजरें क्रूड ऑयल की कीमतों और ग्लोबल संकेतों पर टिकी हैं कि क्या माइक्रो-कैप सेगमेंट यहां से संभलेगा या गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा।
