पिछले एक महीने में **13%** की शानदार रैली के बाद, Nifty IT इंडेक्स फिलहाल **32,027** के स्तर पर थोड़ा सुस्त नजर आ रहा है। तिमाही नतीजों से ठीक पहले निवेशक मुनाफावसूली (Profit Booking) में जुटे हैं।
बाजार की चाल और डायवर्जेंस
शुक्रवार के कारोबार में IT सेक्टर में मिली-जुली तस्वीर देखने को मिली। जहां एक ओर दिग्गज कंपनियों में खरीदारी रही, वहीं मिड-कैप शेयरों में दबाव दिखा। Tata Consultancy Services (TCS) का शेयर 1.16% उछलकर ₹2,536 पर बंद हुआ, और Infosys में भी 0.21% की हल्की बढ़त रही। इसके विपरीत, मिड-कैप शेयरों में बिकवाली हावी रही, जिसमें Oracle Financial Services Software और LTM में क्रमशः 2.40% और 2.32% की गिरावट आई, जबकि Tech Mahindra भी 1.38% टूटा।
क्या कहते हैं वैल्यूएशन?
सेक्टर का 1-year फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 16.5x पर है, जो इसके 10 साल के औसत 21.8x से काफी कम है। कम वैल्यूएशन के बावजूद, ग्रोथ को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि टॉप-टियर आईटी कंपनियों की ग्रोथ -0.4% से +2.0% के बीच रह सकती है।
सेक्टर के सामने चुनौतियां
आईटी सेक्टर इस समय 16.10% की साल-दर-साल गिरावट के साथ संघर्ष कर रहा है। इसके 52-वीक हाई 40,301 की तुलना में यह काफी नीचे है। क्लाइंट्स द्वारा खर्च में कटौती और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बदलती प्राइसिंग स्ट्रैटेजी सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आने वाले दिनों में मैनेजमेंट की कमेंट्री—खासकर डील विन्स और मार्जिन प्रोटेक्शन पर—यह तय करेगी कि क्या मौजूदा गिरावट खरीदारी का मौका है या रिस्क अभी बना रहेगा।
