Nifty IT इंडेक्स में लगातार आठवें दिन गिरावट देखी गई है। अमेरिका में ब्याज दरें (Interest Rates) बढ़ने के डर से निवेशकों में घबराहट है, क्योंकि इससे वहां की कंपनियों के टेक बजट पर असर पड़ सकता है, जिसका सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई पर होगा।
IT शेयरों पर दबाव की वजह
सितंबर की शुरुआत से ही IT सेक्टर सुस्त पड़ा है। 9 सितंबर को लगातार आठवें सेशन में गिरावट के साथ Nifty IT इंडेक्स में 1% की कमी दर्ज की गई। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' की मौद्रिक नीति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता है। CME FedWatch टूल के डेटा के मुताबिक, अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना अब 70.3% तक पहुंच गई है, जो एक हफ्ते पहले महज 57.6% थी।
भारतीय कंपनियों पर क्या होगा असर?
Tata Consultancy Services, Infosys और HCL Technologies जैसी बड़ी कंपनियों का बड़ा रेवेन्यू नॉर्थ अमेरिका से आता है। जब वहां ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो क्लाइंट्स अपना खर्च कम कर देते हैं, जिससे आईटी प्रोजेक्ट्स में देरी होती है। नतीजतन, HCL Technologies, Infosys और Wipro जैसे शेयरों में 1% से 1.7% तक की गिरावट देखी गई।
आगे क्या उम्मीद करें?
बाजार की नजर अब US के जॉब डेटा और महंगाई के आंकड़ों पर है। निवेशकों को अब अक्टूबर का इंतजार है, क्योंकि 8 अक्टूबर से Tata Consultancy Services के साथ अर्निंग्स सीजन की शुरुआत होगी। मार्केट के जानकारों का मानना है कि कंपनी मैनेजमेंट की कमेंट्री ही तय करेगी कि आने वाले समय में डिमांड का माहौल कैसा रहने वाला है।
