4 दिनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती से वापसी की है। 4 सितंबर को Nifty 50 इंडेक्स **23,900** के स्तर को बचाने में कामयाब रहा, जबकि Nifty Smallcap इंडेक्स ने अपना नया लाइफटाइम हाई छुआ है।
शुक्रवार, 4 सितंबर को भारतीय इक्विटी बाजारों ने पिछले 4 दिनों से जारी गिरावट पर ब्रेक लगाते हुए शानदार रिकवरी दिखाई है। Nifty 50 इंडेक्स 23,900 के ऊपर मजबूती से टिका रहा, जबकि BSE Sensex ने शुरुआती कारोबार में ही 530 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की। बाजार की यह तेजी मुख्य रूप से U.S. फेडरल रिजर्व की भविष्य की पॉलिसी और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों के कारण आई है।
Smallcap इंडेक्स में नया जोश
जहां एक तरफ Nifty 50 इंडेक्स 24,000 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करने के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं ब्रॉडर मार्केट ने गजब का दम दिखाया है। Nifty Smallcap इंडेक्स आज अपने लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया है। यह संकेत है कि छोटे शेयरों में निवेशकों का भरोसा अभी भी अडिग है, भले ही बड़े इंडेक्स दबाव में दिख रहे हों। यह भी दर्शाता है कि रिटेल और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का रिस्क लेने का नजरिया फिलहाल काफी पॉजिटिव है।
ग्लोबल संकेत और रिस्क
बाजार में उत्साह तो है, लेकिन निवेशक सतर्क भी हैं क्योंकि उन्हें U.S. नॉन-फार्म पेरोल डेटा का इंतजार है। यह डेटा अमेरिकी इकोनॉमी की हेल्थ बताएगा और ग्लोबल कैपिटल फ्लो पर असर डालेगा। इसके अलावा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें ($91 से $97 प्रति बैरल) एक बड़ा सिरदर्द बनी हुई हैं। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में किसी भी हलचल से कमोडिटी की कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकता है, जो मार्केट की स्टेबिलिटी के लिए रिस्क है।
निवेशकों के लिए अहम लेवल्स
टेक्निकल एक्सपर्ट्स की नजर 24,000 से 24,100 की रेंज पर है, जो Nifty के लिए एक मजबूत बाधा है। अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर सस्टेन नहीं कर पाया, तो मुनाफावसूली (Profit-booking) देखने को मिल सकती है। फिलहाल के लिए, 23,900 का सपोर्ट लेवल बहुत महत्वपूर्ण रहेगा।
