लगातार छह दिनों की शानदार तेजी के बाद Nifty 50 अब **24,730** के स्तर पर एक बड़ी बाधा का सामना कर रहा है। ग्लोबल मार्केट से आ रहे खराब संकेतों और अमेरिकी टेक स्टॉक्स में गिरावट के कारण निवेशक अब सतर्क नजर आ रहे हैं।
बाजार पर ग्लोबल दबाव
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को बाजार की शुरुआत के साथ ही Nifty 50 इंडेक्स एक कड़े टेक्निकल बैरियर से टकराता दिख रहा है। पिछले छह दिनों की जबरदस्त रैली के बाद इंडेक्स 24,536.60 पर बंद हुआ था, लेकिन अब ग्लोबल मार्केट से मिल रहे निगेटिव संकेतों का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 24,730 से 24,750 का दायरा एक ऐसी रेंज है जहां सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है।
इस सतर्कता की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में आई गिरावट है, जिसका असर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर पड़ने की आशंका है।
FIIs का मूड और सपोर्ट लेवल
इसी हफ्ते 5 नवंबर को बाजार ने जबरदस्त मजबूती दिखाई थी, जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगभग ₹14,975 करोड़ के शेयर खरीदे थे। इस रिकॉर्ड बाइंग ने निफ्टी को काफी सहारा दिया था। हालांकि, अब इंडेक्स के प्रमुख टेक्निकल रेजिस्टेंस पर आने के बाद बाजार में प्रॉफिट-बुकिंग (Profit-booking) की संभावना बढ़ गई है।
ट्रेडर्स के लिए 24,300 का स्तर एक प्राइमरी सपोर्ट जोन के रूप में काम कर रहा है। यदि इंडेक्स वर्तमान स्तरों को बनाए रखने में विफल रहता है, तो यह इस सपोर्ट मार्क की ओर फिसल सकता है। फिलहाल, क्रूड ऑयल की कीमतों और अमेरिकी नीतियों में अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव रहने की पूरी उम्मीद है।
