सोमवार के कारोबारी सत्र में Nifty 50 में **1.11%** की गिरावट दर्ज की गई और यह **22,888** के स्तर पर बंद हुआ। प्राइवेट बैंक, आईटी और एफएमसीजी शेयरों में बिकवाली के कारण डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DII) की खरीदारी का असर भी फीका पड़ गया।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। Nifty 50 इंडेक्स 257.20 अंक यानी 1.11% फिसलकर 22,888.95 पर बंद हुआ। वहीं, BSE Sensex 876.37 अंक लुढ़ककर 73,852.90 के स्तर पर रहा। यह गिरावट तब आई जब विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली की रफ्तार में थोड़ी कमी देखी गई थी।
FII और DII का आंकड़ा
फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने सोमवार को ₹1,148.64 करोड़ की नेट बिकवाली की, जो अक्टूबर महीने का सबसे निचला स्तर है। हालांकि, अक्टूबर में अब तक FIIs कुल ₹49,917.65 करोड़ की बिकवाली कर चुके हैं। इसके विपरीत, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) बाजार को सहारा दे रहे हैं। उन्होंने सोमवार को ₹3,201.19 करोड़ के शेयर खरीदे। अक्टूबर में DIIs अब तक ₹51,369.32 करोड़ का निवेश कर चुके हैं, जो FIIs की बिकवाली का लगभग 103% है, लेकिन फिर भी यह बाजार को गिरावट से बचाने में नाकाफी रहा।
सेक्टर का हाल
बाजार की कमजोरी की मुख्य वजह बैंकिंग, आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में भारी बिकवाली रही। Nifty Private Bank इंडेक्स 1.85% टूट गया, जबकि FMCG और IT सेक्टर में क्रमशः 1.44% और 1.28% की गिरावट दिखी। हालांकि, सरकारी बैंकों (PSU Banks) ने कुछ राहत दी और Nifty PSU Bank इंडेक्स में 2.4% की तेजी दर्ज की गई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह सेक्टोरल रोटेशन आगे भी जारी रहेगा या बाजार को निचले स्तर पर सपोर्ट मिलेगा।
