लगातार चार दिनों की शानदार रैली के बाद Nifty 50 अब सुस्ती के संकेत दे रहा है। इंडेक्स **23,811** के स्तर पर बंद हुआ है, लेकिन **24,000** का मनोवैज्ञानिक रेजिस्टेंस लेवल निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है।
लगातार चार दिनों की शानदार तेजी के बाद अब मार्केट थोड़ा कूल-ऑफ (Cool-off) मोड में दिख रहा है। 3 नवंबर, 2026 को बेंचमार्क इंडेक्स 23,811 पर बंद हुआ, जिसमें 1.58% की बढ़त देखने को मिली। बाजार में ब्रॉड-बेस्ड बाइंग ने इंडेक्स को अहम एवरेज के ऊपर ला खड़ा किया है, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती 24,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर है।
टेक्निकल इंडिकेटर्स का क्या इशारा है?
मार्केट की रफ्तार को देखते हुए कुछ टेक्निकल इंडिकेटर्स सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) फिलहाल 'ओवरबॉट' (Overbought) जोन में है। जब इंडेक्स लंबे समय तक इस जोन में बना रहता है, तो शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट-बुकिंग या गिरावट की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि, यह लंबे समय के ट्रेंड के बिगड़ने का संकेत नहीं है, लेकिन तेजी की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है।
ग्लोबल चिंताओं का असर
निवेशकों की नजरें अब ग्लोबल संकेतों पर टिकी हैं। US इलेक्शन के नतीजों से पहले बाजार में अनिश्चितता का माहौल है, जिसके कारण GIFT Nifty भी हल्के दबाव के संकेत दे रहा है। इसके अलावा, क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें भारतीय इकोनॉमी के लिए चिंता का सबब बनी हुई हैं, क्योंकि इसका असर महंगाई और कंपनियों के मुनाफे पर पड़ सकता है।
बैंक निफ्टी का दम
इस बीच, बैंकिंग शेयरों में अच्छी मजबूती दिख रही है। खासकर SBI ने अपने शानदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 14% की बढ़ोतरी के साथ ₹23,038 करोड़ रहा। एनालिस्ट्स अब Bank Nifty के 56,000 के लेवल पर नजरें जमाए हुए हैं, जो आगे की दिशा तय करेगा।
निवेशकों के लिए रणनीति
निवेशकों को अब 23,500 से 23,700 के सपोर्ट जोन पर नजर रखनी चाहिए। अगर इंडेक्स इस लेवल को होल्ड नहीं कर पाता है, तो थोड़ी और गिरावट संभव है। वहीं, ऊपर की ओर 24,000 को पार करना मार्केट की मजबूती के लिए जरूरी है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि मार्केट में अचानक तेजी (Gap-up) के दौरान शेयर खरीदने के बजाय गिरावट का इंतजार करना बेहतर होगा।
