Nifty: IPO की सुनामी से शेयर बाजार बेहाल, लगातार चौथे हफ्ते बाजार में गिरावट

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nifty: IPO की सुनामी से शेयर बाजार बेहाल, लगातार चौथे हफ्ते बाजार में गिरावट

Nifty 50 लगातार चौथे हफ्ते दबाव में है और **24,000** के स्तर को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। बाजार में यह गिरावट सितंबर अंत की रेगुलेटरी डेडलाइन के चलते आ रही IPO की भारी संख्या और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के कारण लिक्विडिटी की कमी की वजह से है।

भारतीय शेयर बाजार इस समय एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। Nifty 50 ने लगातार चौथी बार साप्ताहिक गिरावट दर्ज की है। इस कमजोरी की मुख्य वजह ग्लोबल संकेतों के साथ-साथ घरेलू बाजार में पूंजी का प्रवाह (Capital flow) है। निवेशक मौजूदा शेयरों से पैसा निकालकर IPO में लिस्टिंग गेन की तलाश कर रहे हैं, जिससे पुराने शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ है।

लिक्विडिटी क्रंच की असली वजह

इस नकदी की कमी के पीछे मुख्य कारण SEBI की 30 सितंबर की डेडलाइन है। इसके चलते कंपनियों में IPO लाने की होड़ मची है। जानकारों का अनुमान है कि अकेले सितंबर महीने में ही ₹70,000 करोड़ का फंड जुटाया जा सकता है। यह भारी-भरकम राशि रिटेल और इंस्टिट्यूशनल निवेशकों के फंड को अपनी ओर खींच रही है, जिससे सेकेंडरी मार्केट से पैसा निकल रहा है। बड़े इश्यूज जैसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और Jio Platforms की चर्चाओं ने भी निवेशकों का ध्यान सेकेंडरी मार्केट से हटा दिया है।

क्रूड और ग्लोबल टेंशन

बाजार पर दो तरफा मार पड़ रही है। पहली, ब्रेंट क्रूड ऑयल $95 से $97 प्रति बैरल पर बना हुआ है। इससे ऑटो, पेंट और एविएशन सेक्टर के प्रॉफिट मार्जिन पर खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका के मजबूत लेबर मार्केट डेटा ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अगर ऐसा होता है, तो उभरते बाजारों से विदेशी पैसा निकलने का डर बना रहेगा, जिसका सीधा असर बैंकिंग और टेक्नोलॉजी शेयरों पर पड़ेगा।

फिलहाल, बाजार की नजर इस पर है कि क्या IPO की यह आंधी थमने के बाद सेकेंडरी मार्केट में स्थिरता लौट पाएगी या 30 सितंबर तक निवेशकों को इसी तरह की अस्थिरता का सामना करना पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.