28 अक्टूबर, 2026 को Nifty 50 इंडेक्स **0.22%** गिरकर **22,699** पर बंद हुआ। बाजार **22,800** के रेजिस्टेंस लेवल को पार करने में नाकाम रहा। हालांकि, इसके उलट Bank Nifty ने **0.54%** की बढ़त दर्ज की और यह **54,267** के स्तर पर बंद हुआ।
भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन मिला-जुला रहा। Nifty 50 इंडेक्स 22,699 पर बंद हुआ, जिसमें 0.22% की कमजोरी देखी गई। इंडेक्स के लिए 22,800 का लेवल एक बड़ी बाधा बना हुआ है, जो पिछले 20 दिनों के एवरेज प्राइस ट्रेंड के साथ मेल खाता है। यदि इंडेक्स को मजबूती दिखानी है, तो 22,800 के पार टिकना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर इंडेक्स 22,400 से 22,500 के सपोर्ट जोन का परीक्षण कर सकता है, और इससे नीचे जाने पर 22,200 तक का दबाव देखने को मिल सकता है।
बाजार का सेंटीमेंट और दबाव
बाजार फिलहाल सतर्क है। ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें $110 प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। राहत की बात यह है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली की रफ्तार में कमी आई है, जो भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है।
Bank Nifty की रिकवरी
दूसरी ओर, Bank Nifty ने आज बेहतर प्रदर्शन किया और 0.54% चढ़कर 54,267 पर बंद हुआ। सेशन की शुरुआत में इंडेक्स 53,626 के निचले स्तर तक गया था, जहां से निवेशकों ने खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई। हालांकि, बैंकिंग स्टॉक्स का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी दबाव में है, क्योंकि इंडेक्स अपने लंबे समय के एवरेज प्राइस पॉइंट्स से नीचे ट्रेड कर रहा है।
आगे के लिए जरूरी लेवल्स
Bank Nifty के लिए 53,700 से 53,800 का दायरा मजबूत सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 54,700 से 54,800 का स्तर एक तत्काल रेजिस्टेंस है। बाजार की अगली दिशा तय करने में ग्लोबल कमोडिटी कीमतों और संस्थागत निवेशकों की ट्रेडिंग पैटर्न पर नजर रखना जरूरी होगा।
