Nifty 50 ने आखिरकार 25 साल की सबसे लंबी गिरावट की स्ट्रीक को तोड़ दिया है। 9 अक्टूबर को इंडेक्स **22,520.45** पर बंद हुआ, लेकिन मार्केट की दिशा तय करने के लिए अब निवेशकों की नजर **22,800** के रेजिस्टेंस लेवल पर टिकी है।
पिछले 8 हफ्तों से जारी भारी बिकवाली के बाद Nifty 50 ने 22,520.45 पर क्लोजिंग देकर निवेशकों को थोड़ी राहत दी है। यह पिछले 25 सालों में इंडेक्स की सबसे लंबी गिरावट थी, जिसके बाद आई 1.3% की रिकवरी एक संकेत है कि मार्केट में थोड़ा दम लौटा है। हालांकि, बाजार अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और 22,800 का लेवल अगला बड़ा पड़ाव बना हुआ है। जब तक इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकता नहीं, तब तक इसे एक स्थायी तेजी मानना मुश्किल है।
टेक्निकल चार्ट्स क्या कहते हैं?
डेली चार्ट्स पर Bullish Harami पैटर्न और वीकली टाइमफ्रेम पर Doji कैंडल बन रही है, जो मोमेंटम में बदलाव की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, Relative Strength Index (RSI) अभी भी 36.5 पर है, जो दिखाता है कि रिकवरी काफी नाजुक है। ऊपर की तरफ 23,000 के पास भारी रेजिस्टेंस है, जहाँ कॉल ऑप्शन का बड़ा जमावड़ा है।
Bank Nifty और बैंकिंग आउटलुक
Bank Nifty ने 55,200 के ऊपर बंद होकर थोड़ी ज्यादा मजबूती दिखाई है। RBI के रेट हाइक के बाद सेक्टर के सेंटीमेंट में सुधार हुआ है, लेकिन इंडेक्स को अभी अपने 20, 50 और 100-दिन के मूविंग एवरेज को पार करना होगा। 55,000 की स्ट्राइक प्राइस पर सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट है, जो इसे एक मजबूत ट्रेडिंग रेंज में फंसाए हुए है।
मार्केट के लिए बड़े रिस्क
टेक्निकल रिकवरी के बावजूद चुनौतियां बरकरार हैं। विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार की रफ्तार को रोक रही हैं। आने वाले हफ्ते में 22,200 से 22,350 का सपोर्ट जोन बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। अगर बाजार इस दायरे को नहीं बचा पाया, तो फिर से बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।
