27 अगस्त 2026 को Nifty 50 में **0.48%** की गिरावट दर्ज की गई, जो लगातार दूसरा कारोबारी दिन है जब बाजार लाल निशान में बंद हुआ। मार्केट में बढ़ती अस्थिरता (volatility) के बीच निवेशक **24,000** के अहम सपोर्ट लेवल पर नजरें गड़ाए हुए हैं।
बाजार का हाल
कारोबारी सत्र के अंत में Nifty 50 इंडेक्स 116.90 अंक गिरकर 24,090.85 पर बंद हुआ। इस गिरावट का असर व्यापक था, जहां BSE Sensex में 539.35 अंकों की भारी गिरावट देखी गई और यह 76,933.59 पर सिमट गया। वहीं, Bank Nifty भी 0.47% टूटकर 57,509.95 के स्तर पर बंद हुआ।
सेक्टर का प्रदर्शन और बिकवाली
बाजार में आज चौतरफा बिकवाली हावी रही। बैंकिंग, मेटल, ऑटो और FMCG जैसे प्रमुख सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। बाजार में बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए निवेशक अपनी मुनाफावसूली (profit booking) करते नजर आए, जिससे शुरुआती बढ़त टिक नहीं सकी।
बढ़ती घबराहट और टेक्निकल लेवल्स
बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX 5% से ज्यादा उछलकर 11.13 के करीब पहुंच गया है। टेक्निकल फ्रंट पर, 24,300 एक मजबूत रेजिस्टेंस बन गया है, जबकि 24,000 का स्तर एक क्रिटिकल फ्लोर की तरह काम कर रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि इंडेक्स 24,000 के नीचे फिसलता है, तो यह 23,800 के स्तर तक जा सकता है।
ग्लोबल संकेत
मार्केट की सुस्ती के पीछे 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) में बढ़ता जियोपॉलिटिकल तनाव बड़ी वजह है, जिसने ग्लोबल मार्केट के सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया है। इसके अलावा, फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की लगातार बिकवाली और रुपये की कमजोरी ने घरेलू बाजार के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फिलहाल, बाजार 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 24,000 का सपोर्ट लेवल टिका रह पाएगा या नहीं।
