लगातार दूसरे दिन भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। Nifty **22,811** के स्तर पर बंद हुआ, जिसका मुख्य कारण विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें हैं। हालांकि, सेकेंडरी मार्केट की सुस्ती के बावजूद प्राइमरी मार्केट में रौनक है; Jio Platforms का IPO महज **100 मिनट** में फुल सब्सक्राइब हो गया।
बाजार में जारी है दबाव
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दौर जारी रहा। Nifty 50 इंडेक्स 77.60 अंक फिसलकर 22,811.35 पर बंद हुआ, जबकि BSE Sensex में 143.21 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 73,709.69 पर ठहरा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब बाजार की नजरें 23,000 के अहम लेवल पर टिकी हैं, जिसे पार करना मौजूदा गिरावट के रुख को बदलने के लिए बेहद जरूरी है।
क्यों घबराए हुए हैं निवेशक?
बाजार में FII की ओर से लगातार हो रही बिकवाली से लिक्विडिटी कम हो रही है, जिससे शेयरों को अपना स्तर बनाए रखने में मुश्किल हो रही है। साथ ही, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से बिजनेस की लागत बढ़ती है और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर पड़ता है।
टेक्निकल और सेक्टर का हाल
तकनीकी तौर पर, मार्केट अब अपने 20-डे मूविंग एवरेज से नीचे खिसक गया है। अब निवेशकों की नजर 22,600 से 22,650 के सपोर्ट लेवल पर है, और यदि यह टूटता है तो बाजार 22,300 तक भी फिसल सकता है। बैंकिंग और पावर शेयरों में खासी बिकवाली दिखी, जबकि IT सेक्टर ने मजबूती दिखाते हुए निवेशकों को बचाव का रास्ता दिया। IT कंपनियां अपने ग्लोबल रेवेन्यू बेस के कारण बाजार की अस्थिरता के दौरान एक 'सेफ बेट' मानी जाती हैं।
IPO मार्केट का जबरदस्त क्रेज
सेकेंडरी मार्केट में डर का माहौल है, लेकिन प्राइमरी मार्केट में पैसा लगाने की होड़ मची है। Jio Platforms के IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और यह सिर्फ 100 मिनट के भीतर फुल सब्सक्राइब हो गया। यह दिखाता है कि सिस्टम में लिक्विडिटी की कमी नहीं है, निवेशक सिर्फ मौजूदा लिस्टेड शेयरों में पैसा लगाने से कतरा रहे हैं और नए अवसरों पर दांव लगाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
