ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल में उछाल के बीच Nifty 50 बुधवार को **0.42%** गिरकर **22,620** के स्तर पर बंद हुआ। विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव बनाए रखा, हालांकि बैंकिंग शेयरों ने गिरावट को रोकने की कोशिश की।
बुधवार के कारोबार में Nifty 50 0.42% फिसलकर 22,620 पर थमा, जबकि Sensex 72,480 के आसपास सुस्त रहा। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण विदेशी निवेशकों (FIIs) की तरफ से हुई जबरदस्त बिकवाली रही, जिन्होंने एक ही दिन में ₹9,980 करोड़ के शेयर बेचे। सितंबर महीने में अब तक यह निकासी करीब $2.7 बिलियन तक पहुंच चुकी है, जिसका मुख्य कारण ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है।
सेक्टर का हाल: बैंकिंग ने संभाला, हेल्थकेयर में गिरावट
बाजार में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां एक ओर Nifty Media और Nifty Realty में 2.74% और 1.62% की बढ़त रही, वहीं Banking सेक्टर ने इंडेक्स को सहारा दिया। ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank में क्रमशः 2.31% और 2.86% की तेजी रही। इसके उलट, हेल्थकेयर सेक्टर में भारी बिकवाली हुई और Nifty Healthcare इंडेक्स 2.57% टूट गया।
क्रूड ऑयल का संकट
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। Brent Crude का भाव $103.43 प्रति बैरल पहुंच गया है, जो देश के ट्रेड डेफिसिट और इन्फ्लेशन के लिए खतरा पैदा कर रहा है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 95.82 पर स्थिर बना हुआ है, लेकिन ग्लोबल जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और महंगी एनर्जी कीमतें बाजार की तेजी में बड़ी बाधा बनी हुई हैं। अब निवेशकों की नजर FIIs के फ्लो और क्रूड के भाव पर रहेगी, क्योंकि ये ही आने वाले समय में मार्केट की दिशा तय करेंगे।
