मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी से पहले भारतीय बाजार में जबरदस्त वोलैटिलिटी (Volatility) देखने को मिल रही है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और बढ़ते डर के कारण इंडेक्स पर भारी दबाव है, जिससे ट्रेडर्स अब सपोर्ट लेवल्स पर नजरें गड़ाए हुए हैं।
बाजार में क्यों है घबराहट?
मंथली एक्सपायरी का समय बाजार में हमेशा से ही हलचल भरा होता है, क्योंकि इस दौरान ट्रेडर्स अपने पोजीशंस को स्क्वायर-ऑफ करते हैं या रोलओवर करते हैं। इसका सीधा असर बाजार के उतार-चढ़ाव पर पड़ता है। बाजार का डर नापने वाला टूल, 'इंडिया VIX' (India VIX) में 12% से ज्यादा का उछाल आया है और यह 13.63 के स्तर पर पहुंच गया है, जो जुलाई के बाद का उच्चतम स्तर है।
विदेशी निवेशकों की बड़ी बिकवाली
एक तरफ जहां विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) आक्रामक बिकवाली कर रहे हैं और उन्होंने एक ही दिन में ₹5,353 करोड़ के शेयर बेचे हैं, वहीं दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं। DIIs ने ₹5,189 करोड़ की खरीदारी करके बाजार में बैलेंस बनाने का प्रयास किया है।
टेक्निकल लेवल्स पर नजर
तकनीकी तौर पर Nifty 50 के लिए 23,000 का लेवल एक मजबूत रेजिस्टेंस (Resistance) बन गया है, जिसे पार करना इंडेक्स के लिए फिलहाल मुश्किल दिख रहा है। नीचे की तरफ 22,800 पर सपोर्ट है, लेकिन अगर यह टूटता है तो बाजार 22,500 तक फिसल सकता है।
वहीं Bank Nifty की बात करें तो 55,000 के लेवल पर 'कॉल' ऑप्शंस की भारी बिकवाली देखी गई है, जिसका मतलब है कि ट्रेडर्स को बैंक निफ्टी के फिलहाल ऊपर जाने की उम्मीद कम है।
ग्लोबल मार्केट का प्रेशर
स्थानीय कारणों के अलावा, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) का 19 साल के ऊपरी स्तर पर पहुंचना भी भारतीय बाजारों के लिए चिंता का विषय है। ग्लोबल मार्केट्स की यह स्थिति उभरते बाजारों से पैसा बाहर निकालने के लिए मजबूर कर सकती है। फिलहाल, निवेशकों को 22,700 के अहम लेवल पर कड़ी नजर रखनी होगी।
