ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय बाजार आज यानी 31 अगस्त 2026 को गिरावट के साथ खुल सकते हैं। निवेशकों की नजर अब इन अहम सपोर्ट लेवल्स पर टिकी है।
ग्लोबल मोर्चे पर मची हलचल का सीधा असर आज भारतीय बाजारों पर देखने को मिलेगा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों का मूड खराब कर दिया है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के हालिया बयानों ने भी मार्केट में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
Nifty: सपोर्ट लेवल पर कड़ी परीक्षा
Nifty 50 इंडेक्स 28 अगस्त को 24,175.65 के स्तर पर बंद हुआ था। आज का सत्र बहुत अहम है, क्योंकि इसे 23,800 से 24,000 के सपोर्ट जोन को हर हाल में बचाना होगा। अगर बाजार इस लेवल से नीचे फिसला, तो और गिरावट के संकेत मिल सकते हैं। ऊपरी तरफ 24,300 से 24,400 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस का काम करेगा। आज बाजार का 24,000 के स्तर पर टिकना निवेशकों के भरोसे को दिखाएगा।
Bank Nifty और बड़े जोखिम
Bank Nifty फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। यह इंडेक्स 28 अगस्त को 57,496.30 के आसपास बंद हुआ था। वर्तमान में यह 57,000 के स्ट्रक्चरल सपोर्ट पर टेस्ट कर रहा है, जबकि 58,000 पर इसे बड़ी बाधा का सामना करना पड़ रहा है।
बैंकिंग सेक्टर में एक और बड़ा घटनाक्रम चल रहा है—HDFC Bank में लीडरशिप ट्रांजिशन। अक्टूबर 2026 में मौजूदा सीईओ के बाहर होने की खबरों से संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) थोड़े सतर्क दिख रहे हैं।
इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भू-राजनीतिक स्थिति ने एनर्जी सप्लाई चेन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जो सीधे तौर पर भारत में महंगाई और इंपोर्ट कॉस्ट को प्रभावित कर सकती हैं। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करने के लिए Nifty का 24,000 और Bank Nifty का 57,000 का लेवल सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर होगा।
