29 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार ने दम दिखाया है। Nifty 50 और Bank Nifty दोनों ही इंडेक्स **1%** से ज्यादा की तेजी के साथ अपने हालिया ट्रेडिंग रेंज के दायरे से बाहर निकलने में कामयाब रहे हैं।
बाजार की चाल और टेक्नीकल ब्रेकआउट
भारतीय बाजारों के लिए 29 अक्टूबर का दिन काफी सकारात्मक रहा। Nifty 50 इंडेक्स 1.05% की बढ़त के साथ 22,937 के स्तर पर बंद हुआ। इस उछाल के साथ ही इंडेक्स ने 22,300 से 22,800 की अपनी पुरानी रेंज को पीछे छोड़ दिया है। सबसे अहम बात यह है कि बाजार ने 20-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के ऊपर क्लोजिंग दी है, जो मार्केट सेंटीमेंट में मजबूती का संकेत है।
उधर, Bank Nifty भी पीछे नहीं रहा और 1% से ज्यादा बढ़कर 54,910 पर बंद हुआ। डेली चार्ट्स पर 'पियर्सिंग पैटर्न' बनने का मतलब है कि 53,800 के पास खरीदारों ने काफी दम दिखाया है। अब नजरें Nifty के लिए 23,200 और Bank Nifty के लिए 55,000-55,100 के रेजिस्टेंस लेवल पर टिकी हैं।
डेरिवेटिव्स डेटा का क्या है इशारा?
डेरिवेटिव्स डेटा के मुताबिक, Nifty के 22,700 और 22,800 के लेवल पर नई पोजीशन बन रही हैं, जिससे नीचे की तरफ एक सपोर्ट बेस तैयार हो रहा है। इसके अलावा, पुट-कॉल रेशियो (PCR) का 1 के ऊपर निकलना यह बताता है कि ट्रेडर्स अब गिरावट पर सावधानी बरत रहे हैं।
क्रूड ऑयल का खतरा अभी टला नहीं
बाजार में जोश तो है, लेकिन कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव अभी भी निवेशकों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। बढ़ती ऑयल कीमतें कॉर्पोरेट मार्जिन और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं, जो आगे चलकर बाजार की रिकवरी की रफ्तार को धीमा कर सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे क्रूड की कीमतों और इंडेक्स के सपोर्ट लेवल पर कड़ी नजर रखें।
