बाजार से मिले संकेतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। Nifty 50 हफ्ते के अंत में **2.4%** गिरकर बंद हुआ है। India VIX में **7%** का उछाल मार्केट में अनिश्चितता का माहौल दिखा रहा है, जबकि **22,372** का सपोर्ट लेवल अब निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण हो गया है।
भारतीय शेयर बाजार में इस समय दबाव साफ देखा जा सकता है। Nifty 50 अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे फिसल गया है, जो एक मंदी (bearish) का संकेत है। डेली चार्ट पर बना बेयरिश कैंडल साफ बताता है कि बाजार में फिलहाल सेलर्स का दबदबा कायम है।
टेक्निकल कमजोरी और अहम स्तर
इंडेक्स का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 42.38 के स्तर पर है, जो कमजोरी की ओर इशारा कर रहा है। निवेशकों को अब 22,372 के इमीडिएट सपोर्ट पर नजर रखने की जरूरत है। यदि इंडेक्स 22,182 के नीचे फिसलता है, तो बिकवाली और तेज हो सकती है। वहीं, ऊपर की तरफ 23,000 की स्ट्राइक प्राइस पर भारी कॉल राइटिंग है, जो एक मजबूत रेजिस्टेंस बनी हुई है और तेजी की राह में बड़ी बाधा है।
बढ़ती अस्थिरता (Volatility) का असर
मार्केट का 'डर का पैमाना' यानी India VIX 7% उछलकर 16.86 पर बंद हुआ है। ऑप्शंस डेटा के मुताबिक, 22,500 का स्तर एक मुख्य बैटल-ग्राउंड बना हुआ है। हाई वोलाटिलिटी और इंडेक्स का एवरेज से नीचे ट्रेड करना संकेत दे रहा है कि उतार-चढ़ाव का दौर अभी जारी रहेगा।
बैंक निफ्टी का हाल
सिर्फ निफ्टी ही नहीं, Bank Nifty भी कमजोरी दिखा रहा है। पिछले सत्र में इसमें 1.16% की गिरावट दर्ज की गई। यह इंडेक्स अपने सभी अहम 10-दिवसीय से लेकर 200-दिवसीय मूविंग एवरेज के नीचे आ चुका है, जो सेक्टर के लिए खतरे की घंटी है। RSI 37.73 पर है और MACD पर भी मंदी के संकेत हैं। अब निवेशकों की नजरें 53,000 के स्तर पर टिकी हैं, जो बैंक निफ्टी के लिए अंतिम सुरक्षा कवच (Final line of defense) का काम कर रहा है।
