Nifty 50 में **22,800** के स्तर पर भारी बिकवाली देखी जा रही है। मार्केट की वोलेटिलिटी (India VIX) **6.11%** बढ़कर **15.67** पर पहुंच गई है, जो जून के बाद का उच्चतम स्तर है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें **$110** प्रति बैरल तक पहुंचने से निवेशकों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
बाजार का हाल और टेक्निकल लेवल्स
बाजार में बिकवाली का दबाव लगातार दूसरे दिन जारी रहा। Nifty 50 इंडेक्स 22,811 पर बंद हुआ है। टेक्निकल चार्ट्स को देखें तो 22,700 से 22,800 का दायरा एक मजबूत डिफेंस लाइन की तरह काम कर रहा है। अगर इंडेक्स इस लेवल को बचाने में नाकाम रहता है, तो गिरावट बढ़कर 22,500 और 22,300 तक जा सकती है। वहीं, ऊपर की तरफ 23,000 से 23,200 का स्तर एक बड़ी दीवार बना हुआ है, जहां हर उछाल पर बिकवाली हावी हो रही है।
मिडकैप और बैंकिंग का बुरा हाल
सिर्फ निफ्टी ही नहीं, बल्कि ब्रॉडर मार्केट में और भी ज्यादा दर्द है। Nifty Midcap 100 में 1.58% और Nifty Smallcap 100 में 2.37% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बैंकिंग सेक्टर भी दबाव में है, जहां Bank Nifty 0.92% गिरकर 54,977 पर बंद हुआ। जानकारों के मुताबिक, 54,400-54,500 का लेवल बैंक निफ्टी के लिए आखिरी सहारा है, इसके टूटने पर इंडेक्स 54,000 की ओर फिसल सकता है।
क्रूड ऑयल का ट्रिपल अटैक
बाजार के गिरते सेंटीमेंट के पीछे एक बड़ा कारण $110 प्रति बैरल के आसपास मंडराता क्रूड ऑयल है। भारत के लिए महंगी एनर्जी का मतलब है बढ़ता इम्पोर्ट बिल और महंगाई का दबाव। यह कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन को निचोड़ने का काम करता है, जिससे निवेशकों का कॉन्फिडेंस डगमगा रहा है।
