ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के बीच Nifty 50 इंडेक्स **0.59%** की गिरावट के साथ **23,914.45** पर बंद हुआ है। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिसका सीधा असर ऑटो, आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर पर देखा गया।
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। 23,914.45 पर बंद होकर इंडेक्स ने 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ दिया है, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है। दिनभर के कारोबार में इंडेक्स के 50 में से 47 शेयर लाल निशान में बंद हुए।
गिरावट की असली वजह
बाजार में इस भारी दबाव की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) हैं। इसकी वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) का भाव $96.99 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। चूंकि भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर कॉर्पोरेट मार्जिन और देश की अर्थव्यवस्था पर चोट करती हैं।
टेक्निकल चार्ट क्या कहते हैं?
अब सबकी नजर 23,800 के लेवल पर है। अगर यह सपोर्ट भी टूटता है, तो इंडेक्स 23,600 और 23,575 के निचले स्तरों तक जा सकता है। इसके अलावा, मार्केट का 'डर' मापने वाला इंडिया VIX भी 12.11 के स्तर तक उछल गया, जो दिखाता है कि बाजार में अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
आगे क्या होगा?
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, पेंट और एयरलाइंस सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार पड़ने की आशंका है। जानकारों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आई, तो बाजार में यह दबाव और गहरा सकता है। अब निवेशकों को इस बात का इंतजार है कि क्या Nifty 24,000 का स्तर दोबारा हासिल कर पाएगा या फिर यहां से और नीचे जाएगा।
