13 अक्टूबर को Nifty 50 में जोरदार रिकवरी देखने को मिली है। IT शेयरों में आई **5.22%** की चमक की बदौलत इंडेक्स **1.6%** चढ़कर **22,721** के स्तर पर बंद हुआ है।
मार्केट का हाल और वोलेटिलिटी
बाजार के सेंटीमेंट में सुधार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि डर का पैमाना माना जाने वाला India VIX करीब 7.4% गिरकर 14.04 के पास आ गया है। इस तेजी में बैंकिंग सेक्टर भी पीछे नहीं रहा, Bank Nifty 1.03% की बढ़त के साथ 55,481.05 पर बंद हुआ। चार्ट पैटर्न की बात करें तो डेली चार्ट पर 'बुल्लिश एंगल्फिंग' (Bullish Engulfing) पैटर्न बना है, जो अक्सर कमजोरी के बाद मोमेंटम बदलने का संकेत होता है।
टेक्निकल लेवल्स पर रखें नजर
ट्रेडर्स के लिए अब असली चुनौती 22,800 से 23,150 के रेजिस्टेंस जोन को पार करने की है। जब तक इंडेक्स इस दायरे के ऊपर मजबूती से टिकता नहीं, तब तक बड़ी तेजी की पुष्टि कहना मुश्किल है। वहीं, नीचे की तरफ 22,500 से 22,550 का जोन अब इमीडिएट सपोर्ट के तौर पर काम करेगा, जिसे मार्केट को हर हाल में बचाए रखना होगा।
सावधानी क्यों जरूरी है?
भले ही आज की तेजी उत्साहजनक है, लेकिन बड़ी तस्वीर अभी भी रिकवरी वाली है। Nifty 50 अभी भी अपने 20, 50, 100 और 200-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और ग्लोबल लेवल पर बढ़ते US ट्रेजरी यील्ड व कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार की राह में अब भी रोड़े बनी हुई हैं। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या बाजार आने वाले दिनों में यह मोमेंटम बरकरार रख पाता है या फिर से बिकवाली हावी होती है।
