लगातार 8 हफ्तों की भारी गिरावट के बाद आखिरकार Nifty 50 में राहत देखने को मिली है। इंडेक्स **0.60%** की बढ़त के साथ **22,555.75** के स्तर पर बंद हुआ है, लेकिन अब निवेशकों की नजरें **22,800** के अहम रेजिस्टेंस पर टिकी हैं।
घरेलू निवेशकों का सहारा
बाजार में जारी इस रस्साकशी के बीच संस्थागत निवेशकों का रुख काफी अहम रहा। जहां एक तरफ Foreign Institutional Investors (FIIs) ने बाजार पर दबाव बनाते हुए ₹4,699 करोड़ के शेयर बेचे, वहीं दूसरी तरफ Domestic Institutional Investors (DIIs) ने मोर्चा संभालते हुए ₹5,182 करोड़ की खरीदारी की। यही वजह रही कि बाजार में थोड़ी स्थिरता दिखी।
ग्लोबल चुनौतियां बरकरार
हालांकि, बाजार की राह अभी आसान नहीं है। क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतें $100 प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का डर निवेशकों को सता रहा है। साथ ही, US 10-Year Treasury Yield का 5.25% के पास बने रहना इमर्जिंग मार्केट्स के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे विदेशी पैसा सुरक्षित निवेश की ओर शिफ्ट हो रहा है।
क्या है मार्केट का मूड?
इंडिया VIX (India VIX) अभी 14.78 के करीब बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में अभी भी अनिश्चितता का माहौल है और ट्रेडर्स सतर्कता बरत रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या इंडेक्स 22,800 के मजबूत रेजिस्टेंस को तोड़कर ऊपर निकल पाता है, या ऊपरी स्तरों पर फिर से बिकवाली हावी हो जाएगी।
