दो दिन की भारी बिकवाली के बाद 9 अक्टूबर, 2026 को Nifty 50 में राहत की सांस देखी गई। आईटी सेक्टर के सपोर्ट और TCS के नतीजों से बाजार को सहारा मिला है, लेकिन **22,500** के स्तर पर बना रेजिस्टेंस अभी भी निवेशकों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद, 9 अक्टूबर, 2026 को भारतीय बाजार ने संभलने की कोशिश की है। Nifty 50 ने गैप-अप के साथ ओपनिंग दी और 22,450 से 22,500 के दायरे में कारोबार करता दिखा, जिसने हालिया गिरावट से डरे निवेशकों को कुछ राहत दी है।
IT सेक्टर का दमदार प्रदर्शन
आज की रिकवरी में सबसे बड़ी भूमिका IT सेक्टर की रही। विशेष रूप से Tata Consultancy Services (TCS) के फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजों ने मार्केट में सेंटिमेंट को बेहतर किया है। IT इंडेक्स की मजबूती ने बाजार पर बने दबाव को कम करने में अहम योगदान दिया है।
टेक्निकल लेवल्स और चुनौतियां
बाजार में शुरुआती जोश के बावजूद, एनालिस्ट्स का मानना है कि 22,500 से 22,600 का जोन एक मजबूत टेक्निकल रेजिस्टेंस के रूप में खड़ा है। अगर Nifty इस लेवल को पार करके ऊपर टिक नहीं पाता है, तो बाजार में फिर से बिकवाली का दबाव लौट सकता है। मौजूदा रिकवरी को फिलहाल एक 'रिलीफ रैली' (Relief Rally) के तौर पर देखा जा रहा है, न कि ट्रेंड रिवर्सल के रूप में। FII की तरफ से लगातार जारी बिकवाली ने भी माहौल को सतर्क बना रखा है।
ग्लोबल रिस्क और आगे का नजरिया
मार्केट अभी भी भू-राजनीतिक तनाव, ग्लोबल मैक्रो इकोनॉमिक अनिश्चितता और क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे बाहरी कारकों के दबाव में है। निवेशकों की नजर अब वीकली क्लोजिंग पर है। यदि इंडेक्स रेजिस्टेंस पार करने में विफल रहता है, तो निचले स्तरों को फिर से टेस्ट करने का जोखिम बना हुआ है।
