शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता बेहद निराशाजनक रहा है। Nifty 50 इंडेक्स **22,421.95** पर बंद हुआ है, जो पिछले 8 हफ़्तों से लगातार गिर रहा है। यह 25 सालों में पहली बार हुआ है जब बाजार में इतनी लंबी गिरावट देखी गई है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक दबाव के बीच अब सभी की निगाहें RBI की आने वाली पॉलिसी मीटिंग पर टिक गई हैं।
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल एक कठिन दौर से गुजर रहा है। इंडेक्स का लगातार 8 हफ्तों तक लाल निशान में रहना बाजार में गहराई तक बैठी घबराहट को बयां करता है।
गिरावट की असली वजह
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की तरफ से की जा रही लगातार बिकवाली है। सितंबर 2026 में FIIs ने पिछले 6 महीनों में सबसे ज्यादा पूंजी बाजार से निकाली है। इसके साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में उछाल और भारतीय रुपये की कमजोरी ने निवेशकों का मनोबल और गिरा दिया है।
टेक्निकल चार्ट क्या कहता है?
बाजार के तकनीकी संकेत अभी चिंताजनक हैं। Nifty 50 के लिए 22,200 का स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन है। अगर इंडेक्स इसे नहीं बचा पाता है, तो और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। ऊपर की तरफ 22,600 से 22,800 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इसके अलावा, इंडिया VIX में 7% से ज्यादा का उछाल आया है और यह 14.45 पर पहुंच गया है, जो इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) और बढ़ सकता है।
अब नजरें RBI पर
बाजार की नजरें अब Reserve Bank of India (RBI) की मोनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग पर हैं, जो 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 के बीच होने वाली है। आखिरी दिन होने वाली घोषणाएं यह तय करेंगी कि ब्याज दरों (Interest Rates) का भविष्य क्या होगा। निवेशकों को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक की कमेंट्री बाजार में स्थिरता लाने में मदद करेगी।
