Nifty 50: बाजार में हाहाकार! 18 महीने के निचले स्तर पर लुढ़का निफ्टी, जानें क्या है गिरावट की असली वजह

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AuthorMehul Desai|Published at:
Nifty 50: बाजार में हाहाकार! 18 महीने के निचले स्तर पर लुढ़का निफ्टी, जानें क्या है गिरावट की असली वजह

ग्लोबल और घरेलू मोर्चे से मिले खराब संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। Nifty 50 इंडेक्स **1.64%** टूटकर **22,231.80** के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले **18 महीनों** का निचला स्तर है।

8 अक्टूबर, 2026 को शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी 22,231.80 के स्तर पर बंद हुआ, जो बाजार के सेंटीमेंट को दर्शाने के लिए काफी है। इस एक दिन की गिरावट में निवेशकों की करीब ₹10 लाख करोड़ की वेल्थ स्वाहा हो गई। इंडेक्स ने इंट्राडे में 22,179.90 का निचला स्तर भी छुआ, जिससे अब 22,000 का साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल खतरे में दिखाई दे रहा है।

RBI का फैसला और महंगाई की मार

बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह RBI का रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा है, जिससे यह बढ़कर 5.50% हो गया है। 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (Calibrated Tightening) के रुख ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि इससे कंपनियों की बरोइंग कॉस्ट (Borrowing Cost) बढ़ेगी, जिसका सीधा असर उनके प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ेगा।

उधर, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें $104 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर होते रुपए ने डोमेस्टिक कंपनियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

FIIs की बिकवाली और बढ़ती Volatility

बाजार में लिक्विडिटी की कमी का एक बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली है। वे सितंबर और अक्टूबर में लगातार नेट सेलर्स बने हुए हैं। इसके साथ ही, इंडिया VIX (India VIX) में 10% से ज्यादा का उछाल यह बता रहा है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) और बढ़ सकता है। अब निवेशकों की नजर कंपनियों के आने वाले नतीजों पर है कि वे इस कठिन दौर का सामना कैसे करती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.