बाजार से मिल रहे संकेतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। Nifty 50 लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरकर 23,873.45 के स्तर पर बंद हुआ है। IT और FMCG जैसे सेक्टर में जारी बिकवाली से इंडेक्स 24,000 के अहम स्तर से नीचे बना हुआ है।
बाजार का हाल और बिकवाली का दबाव
लगातार चौथे दिन बाजार में सुस्ती का माहौल रहा। इंडेक्स ने दिन की शुरुआत में 24,025 का हाई छुआ था, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिकने में नाकाम रहा। IT, ऑटो और FMCG सेक्टर की भारी बिकवाली ने इंडेक्स की चाल को खराब कर दिया है। हालांकि, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर ने कुछ हद तक संभालने की कोशिश की, लेकिन मार्केट ब्रिड्थ काफी कमजोर नजर आ रही है। तकनीकी रूप से, इंडेक्स अपने मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है, जो संकेत देता है कि फिलहाल बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
4 सितंबर के लिए अहम लेवल्स (Levels to Watch)
आने वाले सत्र के लिए 24,000-24,100 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। रिकवरी के लिए बुल रन को इस लेवल को पार करना बेहद जरूरी है। वहीं, नीचे की तरफ 23,800 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में उभरा है। यदि इंडेक्स इस सपोर्ट को तोड़ता है, तो हमें 23,600-23,730 के निचले स्तर भी देखने को मिल सकते हैं।
ग्लोबल संकेत और रिस्क फैक्टर
बाजार पर ग्लोबल सेंटिमेंट्स का गहरा असर दिख रहा है। वेस्ट एशिया में बढ़ता तनाव और क्रूड ऑयल के ऊंचे भाव निवेशकों को सतर्क रहने पर मजबूर कर रहे हैं। इसके अलावा, मार्केट की नजरें अब अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों पर टिकी हैं, जो ग्लोबल वॉलैटिलिटी को बढ़ा सकते हैं। जब तक इन मोर्चों पर स्थिति साफ नहीं होती, बाजार का रुझान नकारात्मक दायरे (Negative Bias) में रहने की संभावना है।
