बाजार में रिकवरी के बावजूद Nifty 50 अभी **23,300** के अहम रेजिस्टेंस लेवल पर अटक गया है। मिले-जुले डेरिवेटिव डेटा और उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को अब भी ठोस ट्रेंड कन्फर्मेशन का इंतजार है।
मार्केट में इस समय 'वेट एंड वॉच' का माहौल है। Nifty 50 को 23,300 से 23,350 के जोन को पार करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि इंडेक्स ने हाल ही में 23,000 के स्तर के ऊपर क्लोजिंग दी है, लेकिन एक मजबूत अपट्रेंड के लिए अभी और तेजी की जरूरत है।
टेक्निकल लेवल्स और सपोर्ट
तकनीकी तौर पर देखें तो 23,300-23,350 का दायरा सेलर्स के लिए एक मजबूत गढ़ बना हुआ है। इसके अलावा, इंडेक्स अभी भी अपने 50 और 200 दिनों के मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। अगर यह लेवल पार नहीं हुआ, तो मुनाफावसूली हावी हो सकती है और इंडेक्स 22,900 से 23,000 के सपोर्ट की तरफ लौट सकता है। निचले स्तरों पर 22,700 एक मजबूत बेस के तौर पर खड़ा है।
Bank Nifty और वोलेटिलिटी का हाल
Bank Nifty भी फिलहाल एक सीमित दायरे में फंसा हुआ है। इसे नई तेजी के लिए 56,000 के अहम रेजिस्टेंस को पार करना होगा। अच्छी बात यह है कि इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म 10 और 20 दिनों के एवरेज के ऊपर बना हुआ है। वहीं, मार्केट का डर यानी 'इंडिया VIX' (India VIX) अभी 14.02 पर है। अगर यह 12 के नीचे आता है, तभी बाजार में स्थिरता और भरोसा लौटेगा।
डेरिवेटिव्स डेटा का संकेत
डेरिवेटिव मार्केट का डेटा सावधानी बरतने का इशारा कर रहा है। वर्तमान में 55 शेयरों में लॉन्ग बिल्डअप है, जबकि 92 शेयरों में शॉर्ट पोजीशन बनी हुई है। यह असंतुलन बताता है कि ट्रेडर्स अभी बड़े दांव खेलने से बच रहे हैं। आने वाले दिनों में अगर Nifty 50 हाई वॉल्यूम के साथ 23,300 को पार करता है, तभी बाजार की असली दिशा साफ होगी।
