Nifty 50 ने **23,053** के स्तर पर क्लोजिंग देकर निवेशकों को बड़ी राहत दी है। अब मार्केट की नजरें **23,200** के रेजिस्टेंस लेवल पर टिकी हैं, हालांकि कच्चे तेल की कीमतें और ग्लोबल अनिश्चितता अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।
बाजार की चाल और टेक्निकल लेवल्स
Nifty 50 इंडेक्स ने शानदार रिकवरी दिखाते हुए सप्ताह का अंत 23,053.10 पर किया है। पिछले कुछ समय के कंसोलिडेशन के बाद, इसमें लगभग 2% की तेजी दर्ज की गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 23,000 का स्तर अब एक मजबूत बेस की तरह काम करेगा। अब निवेशकों की नजरें 23,200 से 23,300 के रेजिस्टेंस जोन पर हैं। वहीं, नीचे की तरफ 22,800 का लेवल एक महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में खड़ा है, जिसे बनाए रखना मार्केट की तेजी के लिए जरूरी होगा।
अस्थिरता और सेक्टर का हाल
बाजार में जोश तो है, लेकिन सावधानी भी बरती जा रही है। India VIX का स्तर 15.30 पर बना हुआ है, जो दिखाता है कि निवेशक अभी भी बड़े उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क हैं। इसके साथ ही, Bank Nifty पर भी सबकी निगाहें हैं, जहां 55,000 का स्ट्राइक प्राइस बैंकिंग सेक्टर के लिए एक अहम पिवट पॉइंट (Pivot Point) साबित हो रहा है।
ग्लोबल रिस्क और आगे की राह
बाजार के लिए चुनौतियां भी कम नहीं हैं। कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें और मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव मार्केट सेंटिमेंट पर दबाव डाल सकते हैं। इसके अलावा, FIIs की बिकवाली और अमेरिकी चुनाव के नतीजों का असर भी आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा। फिलहाल मार्केट एक रेंज-बाउंड (Range-bound) दायरे में रहने की उम्मीद है, जहाँ घरेलू विकास के आंकड़े ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक संकेतों के साथ टकराते नजर आएंगे।
