शुक्रवार के कारोबारी सत्र में Nifty 50 भारी बिकवाली के दबाव में रहा और **22,473** के स्तर पर बंद हुआ। मार्केट में छाई कमजोरी को देखते हुए अब सभी की नजरें अहम सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं।
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन Nifty 50 ने अपनी शुरुआती बढ़त को पूरी तरह गंवा दिया और 0.95% की गिरावट के साथ 22,473 पर बंद हुआ। दिन की शुरुआत में इंडेक्स ने 22,787 का हाई बनाया था, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिकने में नाकाम रहा। बाजार की खस्ताहाली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एडवांस्ड-डिक्लाइन रेशियो 5:45 रहा, जो साफ तौर पर दिखाता है कि बिकवाली का दबाव हर तरफ है।
टेक्निकल लेवल्स पर नजर
इन्वेस्टर्स अब सतर्क हो गए हैं। चार्ट पर 22,400 का लेवल एक 'वाइटल थ्रेशोल्ड' (महत्वपूर्ण सीमा) की तरह काम कर रहा है। यदि इंडेक्स इस स्तर को तोड़ता है, तो गिरावट 22,200 तक बढ़ सकती है। वहीं, अगर यह लेवल सपोर्ट के तौर पर काम करता है, तो रिकवरी के आसार बनेंगे और इंडेक्स वापस 22,500 से 22,600 की रेंज में आ सकता है।
फ्यूचर मार्केट का हाल
Nifty 50 के अक्टूबर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में भी सुस्ती दिखी है, जो 22,853 के हाई से फिसलकर 22,536 पर ट्रेड कर रहा है। यहाँ 22,490 का स्तर अहम है; यदि यह कायम नहीं रहा, तो इंडेक्स 22,350 तक के निचले स्तर देख सकता है। बाजार में छाई भारी वोलेटिलिटी के बीच वीकली क्लोजिंग डेटा का महत्व अब और बढ़ गया है, जो आने वाले दिनों की दिशा तय करेगा।
