ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के कारण Nifty 50 में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखी गई। बेंचमार्क इंडेक्स **23,431.50** के स्तर पर बंद हुआ है, जिसका मुख्य कारण क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला सत्र काफी निराशाजनक रहा। Nifty 50 इंडेक्स लगातार तीसरे दिन गिरते हुए 203.60 अंक यानी 0.86% की कमजोरी के साथ 23,431.50 पर आकर थम गया है। मार्केट में फैले डर के पीछे कुछ बड़े ग्लोबल कारण जिम्मेदार हैं।
कच्चे तेल की आग और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड
बाजार की चिंता की सबसे बड़ी वजह Brent crude oil है, जिसकी कीमतें $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं। इससे भारत के इंपोर्ट बिल और महंगाई पर बुरा असर पड़ने का डर है। साथ ही, US 10-year Treasury yields के मल्टी-ईयर हाई पर पहुंचने से विदेशी निवेशकों का पैसा भारतीय बाजार से निकलकर सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड्स की ओर जा रहा है।
IT सेक्टर पर सबसे भारी मार
सेलिंग का असर सबसे ज्यादा IT सेक्टर पर दिखा, जो 3% से ज्यादा टूटा। चूँकि IT कंपनियों का बड़ा बिजनेस अमेरिका और यूरोप पर निर्भर है, इसलिए वहां की आर्थिक अनिश्चितता सीधे इनके मार्जिन पर चोट कर रही है।
टेक्निकल चार्ट क्या कहते हैं?
तकनीकी मोर्चे पर, 14-दिन का RSI 30 के नीचे (Oversold zone) चला गया है। MACD इंडेक्स भी लगातार मंदी के संकेत दे रहा है। एक्सपर्ट्स अब 23,600 के स्तर पर नजर बनाए हुए हैं, जो पहले सपोर्ट था लेकिन अब रेजिस्टेंस बन गया है। अगर गिरावट जारी रहती है, तो इंडेक्स 23,070 के अगले सपोर्ट लेवल की ओर खिसक सकता है।
