शुक्रवार को भारतीय बाजारों में शुरुआती बढ़त फीकी पड़ गई और Nifty 50 **22,936** के स्तर पर बंद हुआ। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे क्रूड ऑयल के बीच IT सेक्टर में **9%** की शानदार रिकवरी ने सहारा दिया है।
बाजार की सुस्ती और दबाव के कारण
शुक्रवार की शुरुआत गैप-अप के साथ हुई थी, लेकिन यह तेजी टिक नहीं पाई। Nifty 50 अंत में 22,936.85 के स्तर पर आकर सिमट गया। बाजार पर FII (विदेशी संस्थागत निवेशकों) का भारी दबाव है, जिन्होंने हालिया सत्र में लगभग ₹5,285 करोड़ के शेयर बेचे हैं। इसके अलावा, ब्रेंट क्रूड ऑयल का $105 प्रति बैरल के आसपास बने रहना भी चिंता का विषय है, जो देश के इंपोर्ट बिल को बढ़ा सकता है।
IT सेक्टर बना ढाल
बाजार की इस उठापटक के बीच IT सेक्टर ने निवेशकों को राहत दी है। अच्छे तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की सकारात्मक गाइडेंस के चलते IT इंडेक्स में 9% की रिकवरी देखी गई है। अस्थिरता के दौर में IT शेयरों को एक सुरक्षित दांव (Defensive Hedge) के तौर पर देखा जा रहा है।
SEBI के नए बदलाव
सेबी (SEBI) ने दिसंबर 2026 से लागू होने वाले नए मार्केट रूल्स को अंतिम रूप दे दिया है। इसमें क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (Closing Auction Session) में बदलाव और डेरिवेटिव एक्सपायरी के लिए VWAP (वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस) का इस्तेमाल शामिल है। इसका उद्देश्य मार्केट में प्राइसिंग को और अधिक संतुलित बनाना है।
टेक्निकल आउटलुक
फिलहाल चार्ट पर 22,800 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है। यदि इंडेक्स इसके नीचे जाता है, तो कमजोरी बढ़ सकती है। ऊपर की ओर, 23,100 को पार करने पर ही बाजार 23,490 की ओर बढ़ने की उम्मीद जगा सकता है।
