बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली है। Nifty 50 में IT शेयरों की **3%** की गिरावट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों का मूड खराब कर दिया है, जिससे इंडेक्स **23,500** के अहम लेवल के नीचे आ गया है।
बाजार की चाल और दबाव
9 सितंबर 2026 के कारोबार में Nifty 50 की शुरुआत ही गैप-डाउन के साथ 23,522 पर हुई। शुरुआती घंटों में ही बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि इंडेक्स फिसलकर 23,480-23,508 के दायरे में आ गया। बाजार का सेंटिमेंट इस समय काफी कमजोर नजर आ रहा है।
IT सेक्टर बना विलेन
इंडेक्स की कमजोरी के पीछे सबसे बड़ी वजह IT सेक्टर है, जिसमें 3% तक का बड़ा करेक्शन देखने को मिला है। Infosys, TCS, HCL Tech, और Tech Mahindra जैसे दिग्गजों में भारी बिकवाली से निफ्टी का पूरा भार डगमगा गया है। मैक्रो-इकोनॉमिक दबाव के चलते इन दिग्गज कंपनियों पर निवेशकों का भरोसा फिलहाल कम दिख रहा है।
ग्लोबल फैक्टर और क्रूड का असर
केवल घरेलू सेक्टर ही नहीं, बल्कि ग्लोबल संकेत भी चिंताजनक हैं। Brent Crude की कीमतें $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जो महंगाई और ब्याज दरों के बढ़ने का डर पैदा कर रही हैं। साथ ही, US और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों को रिस्क लेने से रोक दिया है। एडवांस/डिक्लाइन रेशियो भी 13/37 पर है, जो साफ बताता है कि चढ़ने वाले शेयरों के मुकाबले गिरने वाले शेयरों की संख्या कहीं ज्यादा है।
लिक्विडिटी का संकट
बाजार में खरीदारी न होने की एक और वजह IPO मार्केट की भीड़ है। कई नई कंपनियों के IPO आने की वजह से निवेशकों का पैसा सेकेंडरी मार्केट से निकलकर नए इश्यूज में जा रहा है, जिससे लिक्विडिटी का सूखा पड़ गया है।
टेक्निकल सपोर्ट
टेक्निकल तौर पर Nifty 50 अब 23,450 से 23,500 के सपोर्ट जोन को टेस्ट कर रहा है। अगर यह स्तर नहीं संभला, तो आगे और गिरावट देखने को मिल सकती है। ऊपर की तरफ 23,800 पर कड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।
