बाजार से राहत भरी खबर आई है। Nifty 50 ने **0.65%** की तेजी के साथ **23,146** के स्तर पर क्लोजिंग दी है, जिससे पिछले छह हफ्तों से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया है। हालांकि, इंडेक्स के सामने अब **23,300** से **23,350** के बीच एक मजबूत रेजिस्टेंस जोन खड़ा है।
16 अक्टूबर को Nifty 50 में 149 अंक यानी 0.65% की बढ़त दर्ज की गई। यह तेजी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने पिछले छह हफ्तों के 'लोअर हाई' और 'लोअर लो' के पैटर्न को तोड़ दिया है। मार्केट वॉल्यूम में आए सुधार और 10-डे व 20-डे मूविंग एवरेज में दिख रहे झुकाव से संकेत मिल रहे हैं कि सेंटीमेंट में सुधार हो रहा है।
आगे की राह और चुनौतियां
इन्वेस्टर्स को अब 23,300 से 23,350 के जोन पर बारीकी से नजर रखनी होगी। यह रेंज इसलिए अहम है क्योंकि यहां 50-डे मूविंग एवरेज का रेजिस्टेंस है और सितंबर का एक अनफिल्ड गैप भी मौजूद है। अगर Nifty इस लेवल को पार कर सस्टेन करता है, तो अगला टारगेट 23,700 हो सकता है। वहीं, नीचे की ओर 22,800 से 22,900 का दायरा मजबूत सपोर्ट का काम करेगा।
Bank Nifty में सुस्ती
जहाँ Nifty 50 ने दम दिखाया, वहीं Bank Nifty में सुस्ती देखी गई। यह इंडेक्स मात्र 0.06% की बढ़त के साथ 55,844 पर बंद हुआ। बैंकिंग शेयरों में अभी 'कंसोलिडेशन' का दौर है। इंडेक्स को नई दिशा पकड़ने के लिए 56,050 से 56,100 के रेजिस्टेंस को पार करना होगा। अगर यह लेवल टूटता है, तो इंडेक्स 57,000 की ओर जा सकता है। फिलहाल, बैंक निफ्टी के लिए 55,200 से 55,300 एक अहम सपोर्ट लेवल है।
