बाजार की ऊपरी चाल का भ्रम न पालें! Nifty 50 के केवल **10** स्टॉक्स अब अपने **200-DMA** के ऊपर टिके हैं। इंडेक्स का **22,623** पर दिखना केवल कुछ गिने-चुने शेयरों का कमाल है, जो आने वाले समय में बड़ी गिरावट का संकेत हो सकता है।
बाजार की मजबूती का छलावा
इंडेक्स भले ही 22,623 के स्तर के आसपास थमा हुआ दिख रहा हो, लेकिन गहराई में बाजार की नींव कमजोर पड़ रही है। टेक्नीकल चार्ट्स पर 200-day Moving Average (DMA) किसी भी शेयर के लॉन्ग-टर्म ट्रेंड को समझने का सबसे भरोसेमंद पैमाना माना जाता है। चिंता की बात यह है कि जनवरी में जहाँ 38 शेयर इस महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर थे, वहीं अब यह संख्या गिरकर मात्र 10 रह गई है।
दिग्गज शेयरों पर बढ़ता दबाव
मार्केट को दिशा देने वाले बड़े नाम जैसे Maruti Suzuki, Reliance Industries, HDFC Bank और Infosys अब अपने 200-DMA के काफी नीचे ट्रेड कर रहे हैं। जब इंडेक्स के इतने बड़े वेटेज वाले स्टॉक्स इस स्तर से नीचे फिसलते हैं, तो यह सीधे तौर पर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की बिकवाली को दर्शाता है, जो आने वाले दिनों में इंडेक्स के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
गिने-चुने शेयरों के भरोसे इंडेक्स
अभी बाजार की स्थिरता का पूरा बोझ कुछ चुनिंदा शेयरों पर टिका है, जैसे Kotak Mahindra Bank, Trent और Titan Company। बाजार का दायरा (Market Breadth) सिमटने का मतलब है कि अगर ये चंद कंपनियां भी अपना सपोर्ट छोड़ती हैं, तो मार्केट में तेज वोलेटिलिटी देखी जा सकती है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इतिहास गवाह है कि जब इंडेक्स ऊपर बना रहे लेकिन पार्टिसिपेशन कम होता जाए, तो यह हमेशा एक 'रेड फ्लैग' होता है। बिकवाली का दबाव अक्सर इन्हीं चंद बचे हुए मजबूत शेयरों तक पहुंचता है और उसके बाद पूरे बाजार में गिरावट का दौर शुरू हो जाता है। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल इंडेक्स के नंबर पर भरोसा न करें और ब्रॉडर मार्केट के पार्टिसिपेशन पर बारीकी से नजर रखें।
