लगातार छह दिनों की सुस्त चाल के बाद Nifty 50 ने आखिरकार **22,800** का स्तर पार कर लिया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले से बाजार को बड़ा सपोर्ट मिला है, जिसमें Reliance और IT सेक्टर के शेयरों ने तेजी की कमान संभाली।
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर आई। Nifty 50 इंडेक्स ने 22,800 के अहम स्तर को पार कर लिया, जिससे पिछले छह दिनों से चल रही सीमित दायरे की हलचल खत्म हुई। इस उछाल के पीछे प्रमुख वजह Reliance Industries और IT सेक्टर में देखी गई खरीदारी रही। बाजार में यह सकारात्मकता अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद आई है, जिससे ग्लोबल कैपिटल फ्लो को लेकर चिंताएं कम हुई हैं।
IT और Reliance का खेल
Reliance Industries इंडेक्स के लिए हमेशा से एक बड़ा इंजन रहा है। जब Reliance में मूवमेंट आता है, तो पूरे मार्केट का मूड बदल जाता है। वहीं, IT सेक्टर के लिए अमेरिकी ब्याज दरों का स्थिर रहना एक राहत की बात है। चूंकि IT कंपनियों का बड़ा रेवेन्यू अमेरिकी क्लाइंट्स से आता है, इसलिए वहां स्थिरता से उनकी प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव कम होने की उम्मीद बनी रहती है।
रिस्क फैक्टर पर रखें नजर
हालांकि 22,800 का ब्रेकआउट एक अच्छा संकेत है, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स अभी भी सतर्क हैं। India VIX (जो बाजार का फियर गेज है) अभी भी 15 के ऊपर बना हुआ है, जो संकेत देता है कि निवेशक अभी भी उतार-चढ़ाव के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का 5% के करीब पहुंचना निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि ये फैक्टर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के निवेश पर सीधा असर डालते हैं।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
बाजार अभी एक संवेदनशील जोन में है। चार्ट के मुताबिक, 22,500 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है। इंडेक्स को 23,000 के लक्ष्य की ओर जाने के लिए 22,830 के ऊपर टिकना जरूरी है। वहीं, अगर यह तेजी कायम नहीं रहती है, तो इंडेक्स वापस 22,370 या 22,200 के स्तर तक फिसल सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल एक दिन की तेजी के बजाय ट्रेंड की निरंतरता पर नजर रखें।
