तिमाही नतीजों में ट्रेडिंग वॉल्यूम का कमाल
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का मार्च तिमाही का नेट प्रॉफिट 19% बढ़कर ₹2,871 करोड़ हो गया। यह शानदार उछाल 34% बढ़कर ₹4,077 करोड़ हुए ट्रांजेक्शन चार्जेज की वजह से संभव हुआ। इक्विटी और डेरिवेटिव्स सेगमेंट में जबरदस्त मार्केट एक्टिविटी ने इस ग्रोथ को बढ़ावा दिया। कंपनी का कुल रेवेन्यू (Total Income) पिछले क्वार्टर के मुकाबले 22% बढ़कर ₹5,360 करोड़ रहा। कैश मार्केट में एवरेज डेली ट्रेडेड वैल्यू (ADTV) 21% बढ़कर ₹1,19,617 करोड़ हो गई, जबकि इक्विटी ऑप्शन्स का टर्नओवर 43% बढ़कर ₹76,375 करोड़ पर जा पहुंचा।
खर्चों में बढ़ोतरी और रेगुलेटरी अड़चनें
ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस मजबूत बनी रही, जिसमें EBITDA 27% बढ़कर ₹3,633 करोड़ रहा और मार्जिन 73% पर बना रहा। कुल खर्च (Total expenses) 20% बढ़कर ₹1,486 करोड़ हो गया, जिसका मुख्य कारण प्रोविजन्स में हुई बढ़ोतरी है। इन प्रोविजन्स में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के लिए ₹223 करोड़ (पिछले क्वार्टर में सिर्फ ₹5 करोड़) और को-लोकेशन व डार्क फाइबर मुद्दों से जुड़ी सेटलमेंट एप्लीकेशन्स के लिए ₹84 करोड़ शामिल हैं। NSE अब सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से सेटलमेंट की मंजूरी का इंतजार कर रहा है, जिसमें ₹1,491.21 करोड़ का भुगतान शामिल हो सकता है।
पूरे साल के मुनाफे में गिरावट, डिविडेंड का प्रस्ताव
पूरे फाइनेंशियल ईयर FY26 की बात करें तो NSE का कुल रेवेन्यू ₹18,713 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹19,177 करोड़ से मामूली कम है। इसी तरह, साल भर का नेट प्रॉफिट घटकर ₹10,302 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹12,188 करोड़ था। इस सालाना गिरावट के बावजूद, NSE के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹35 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड प्रस्तावित किया है। इस प्रस्तावित डिविडेंड में ₹10 का स्पेशल डिविडेंड भी शामिल है, जो शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
