National Stock Exchange (NSE) ने शेयर बाजार में जोरदार शुरुआत की है। कंपनी का मार्केट कैप **₹4.44 लाख करोड़** पर रहा और शेयर **₹1,792** पर बंद हुआ। हालांकि, **43x** की फॉरवर्ड अर्निंग मल्टीपल निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।
बाजार में नई हलचल
National Stock Exchange (NSE) ने आधिकारिक तौर पर Bombay Stock Exchange (BSE) पर लिस्टिंग के साथ अपनी नई यात्रा शुरू कर दी है। लिस्टिंग के दिन ही कंपनी ने ₹4.44 लाख करोड़ का मार्केट कैप हासिल कर लिया। शेयर ₹1,792 के भाव पर क्लोज हुआ। इस वैल्यूएशन के साथ, NSE अब भारत की बड़ी कंपनियों जैसे Titan, Infosys और Kotak Mahindra Bank को पीछे छोड़ते हुए सबसे वैल्यूएबल फाइनेंशियल एंटिटीज में शामिल हो गई है।
क्या शेयर महंगा है?
इन्वेस्टर्स के बीच सबसे बड़ी चर्चा NSE के वैल्यूएशन को लेकर है, जो FY26 की अनुमानित कमाई का 43 गुना (43x) है। तुलना के लिए, Nasdaq और Intercontinental Exchange (ICE) जैसे ग्लोबल प्लेयर्स अमूमन 25x के आसपास ट्रेड करते हैं। यह बड़ा अंतर निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि क्या यह प्रीमियम भारत की ग्रोथ स्टोरी के दम पर जायज है या शेयर ओवरवैल्यूड है।
ब्रोकरेज की अलग-अलग राय
मार्केट एनालिस्ट्स की इस पर बंटी हुई राय है:
- Macquarie: ब्रोकरेज का मानना है कि भले ही वैल्यूएशन ग्लोबल साथियों से ज्यादा है, लेकिन कंपनी का रिटर्न प्रोफाइल ग्लोबल स्टैंडर्ड्स से 60% अधिक है, जो इस अंतर को कम कर सकता है। उन्होंने ₹1,965 का टारगेट प्राइस दिया है।
- Prabhudas Lilladher: वहीं, दूसरी ओर इस फर्म को ग्रोथ को लेकर चिंता है। उनके अनुसार, अगले 3 साल में NSE की अनुमानित ग्रोथ 11% रह सकती है, जो अमेरिका की दिग्गज कंपनियों की 12% से 13% की उम्मीदों से कम है।
रिस्क और मौके
एक महत्वपूर्ण फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर होने के नाते, NSE पर रेगुलेटरी नजरें हमेशा बनी रहती हैं। इसकी कमाई काफी हद तक ट्रेडिंग वॉल्यूम्स पर निर्भर करती है, जो पॉलिसी में बदलाव से प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, भारत में बचत का फाइनेंशियल एसेट्स की ओर शिफ्ट होना एक मजबूत सपोर्ट है। मैनेजमेंट के अनुसार, वॉल्यूम में अस्थाई गिरावट एक सामान्य प्रक्रिया है। अब देखना यह होगा कि क्या NSE आने वाली तिमाहियों में अपने ऊंचे प्रॉफिट मार्जिन और ग्रोथ की उम्मीदों को बनाए रख पाता है या नहीं।
