National Stock Exchange (NSE) का बहुप्रतीक्षित IPO आगामी **17 सितंबर, 2026** को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। **₹22,562 करोड़** के इस मेगा इश्यू के दौरान निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव और ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच दांव लगाने की तैयारी कर रहे हैं।
आईपीओ की डिटेल्स और प्राइस बैंड
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने मेगा आईपीओ के लिए ₹1,700–₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 17 सितंबर से 21 सितंबर, 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी के शेयर की लिस्टिंग 24 सितंबर, 2026 को BSE पर होने की उम्मीद है।
बाजार के लिए बड़ी परीक्षा
यह आईपीओ ऐसे समय में आ रहा है जब भारतीय बाजार काफी दबाव में हैं। Nifty 50 इंडेक्स लगातार 5 हफ्तों की गिरावट के बाद 23,398.10 के स्तर पर बंद हुआ है। हालांकि, गणेश चतुर्थी के कारण 14 सितंबर को बाजार में छुट्टी रहेगी, जिससे निवेशकों को फैसले लेने के लिए थोड़ा समय मिलेगा।
क्या है चिंता का विषय?
निवेशकों की नजरें ग्लोबल फैक्टर्स पर टिकी हैं। FOMC की बैठक 15-16 सितंबर को होने वाली है, जिससे ब्याज दरों को लेकर नई तस्वीर साफ होगी। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल $100 प्रति बैरल के पार निकल गया है, जो भारत में महंगाई और कॉर्पोरेट प्रॉफिट मार्जिन के लिए बड़ा रिस्क है।
OFS है इस इश्यू की हकीकत
निवेशकों को यह समझना होगा कि यह पूरा इश्यू Offer for Sale (OFS) है। इसका मतलब है कि इसमें मौजूदा शेयरहोल्डर अपना हिस्सा बेच रहे हैं और कंपनी के पास विस्तार के लिए कोई नया पैसा नहीं आएगा।
बाजार में India VIX का बढ़ता स्तर भी चिंता पैदा कर रहा है। ऐसे में यह आईपीओ बाजार के सेंटीमेंट को टेस्ट करेगा कि क्या निवेशक इस अस्थिरता के बीच रिस्क लेने को तैयार हैं या नहीं।
