NSE IPO: बड़ी खबर! इस बड़े एक्सचेंज की लिस्टिंग की तैयारी तेज, नियुक्त हुआ सलाहकार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
NSE IPO: बड़ी खबर! इस बड़े एक्सचेंज की लिस्टिंग की तैयारी तेज, नियुक्त हुआ सलाहकार
Overview

National Stock Exchange (NSE) अपने लंबे समय से प्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। कंपनी ने **Rothschild & Co.** को एक स्वतंत्र सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया है। NSE का लक्ष्य **4-4.5%** इक्विटी बेचकर करीब **$2.5 बिलियन** (लगभग **₹20,800 करोड़**) जुटाना है।

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IPO के रास्ते में NSE, सलाहकार की हुई नियुक्ति

NSE के लिए यह एक अहम पड़ाव है, जो ग्लोबल डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में एक बड़ी कंपनी है। Rothschild & Co. की नियुक्ति यह साफ करती है कि एक्सचेंज अपने सार्वजनिक डेब्यू की राह की जटिलताओं को पार करने के लिए गंभीर है। यह कदम एक पारदर्शी और सुशासन-संचालित प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ उठाया गया है, ताकि आने वाले समय में आने वाली किसी भी चुनौती का सामना किया जा सके।

वैल्यूएशन और बाजार में दबदबा

NSE का IPO, जिसे ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) के रूप में तैयार किया जा रहा है, भारत की सबसे बड़ी शेयर बिक्री में से एक हो सकता है। अनलिस्टेड मार्केट में इसका वैल्यूएशन करीब ₹5 लाख करोड़ आंका जा रहा है, जो Nasdaq Inc. से काफी ऊपर और Deutsche Boerse AG के करीब है। NSE दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव्स एक्सचेंज और ट्रेडिंग की संख्या के मामले में तीसरा सबसे बड़ा कैश इक्विटी एक्सचेंज है। भारत के डेरिवेटिव्स बाजार में इसकी 75% से अधिक हिस्सेदारी है। 4-4.5% इक्विटी बेचकर करीब $2.5 बिलियन जुटाने की योजना है। यह वैल्यूएशन घरेलू प्रतिस्पर्धी Bombay Stock Exchange (BSE) से काफी ज्यादा है, जिसका मार्केट कैप करीब ₹11,1419.32 करोड़ है।

पिछली चुनौतियाँ और नियामकीय समाधान

NSE का लिस्टिंग तक का सफर 2016 से ही नियामकीय जांचों और कानूनी चुनौतियों से भरा रहा है। को-लोकेशन (co-location) सुविधाओं के जरिए एल्गोरिथम ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म तक अनुचित पहुंच और कॉर्पोरेट गवर्नेंस की खामियों जैसे मुद्दे उठाए गए थे। इन समस्याओं को दूर करने के लिए, NSE ने अहम सेटलमेंट किए हैं। ₹643 करोड़ का भुगतान को-लोकेशन और ट्रेडिंग एक्सेस पॉइंट सिस्टम के मुद्दों के लिए किया गया, और ₹1,300 करोड़ अन्य लंबित SEBI मामलों के लिए अलग रखे गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट में हालिया कानूनी चुनौती को क्षेत्राधिकार के आधार पर खारिज कर दिया गया, जिससे प्रक्रियात्मक बाधा दूर हो गई। इन बाधाओं के बावजूद, SEBI ने IPO की तैयारी की अनुमति दे दी है। Rothschild & Co. लीड बैंकरों और कानूनी सलाहकारों के चयन में मदद कर रहा है।

भारतीय IPO बाजार का संदर्भ

भारतीय IPO बाजार ने शानदार लचीलापन दिखाया है, 2025 में $14.2 बिलियन जुटाकर यह चौथे स्थान पर रहा और 367 IPOs के साथ सबसे सक्रिय लिस्टिंग डेस्टिनेशन बन गया। यह मजबूत प्राइमरी मार्केट गतिविधि सेकेंडरी मार्केट के विपरीत है, जहां विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का आउटफ्लो देखा गया। हालांकि, बाजार ने निवेशक विश्वास दिखाया है, लेकिन हालिया रुझान नियामकीय सख्ती और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण सावधानी बरतने का संकेत देते हैं।

निवेशकों के लिए जोखिम

NSE के IPO में तेजी दिख रही है, लेकिन कुछ जोखिमों पर ध्यान देना जरूरी है। नियामकीय गड़बड़ियों का लंबा इतिहास, जिसमें को-लोकेशन घोटाला भी शामिल है, एक्सचेंज के कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल खड़े करता है। दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका खारिज होने के बावजूद, गंभीर आरोपों को पूरी तरह से अनसुलझा माना जा रहा है। लगभग 55x P/E का वैल्यूएशन दर्शाता है कि उम्मीदें पहले से ही काफी बढ़ी हुई हैं। इसमें गलती की गुंजाइश कम है। इसके अलावा, Q3 FY26 के नतीजों में नेट प्रॉफिट में 37% की साल-दर-साल गिरावट देखी गई है, जो उच्च ट्रेडिंग वॉल्यूम से बढ़ी हुई आय के बावजूद है। इन अनसुलझे ऐतिहासिक आरोपों के साथ, निवेशकों को मूल्यांकन और वैश्विक एक्सचेंज बाजार के मुकाबले जोखिम को तौलना होगा।

आगे का रास्ता

नियामकीय मंजूरी मिलने और सलाहकार नियुक्त होने के साथ, NSE मार्च के अंत तक अपने IPO दस्तावेज़ दाखिल करने की तैयारी में है। SEBI के नियमों के अनुसार, एक्सचेंजों को अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की अनुमति नहीं है, इसलिए NSE संभवतः BSE जैसे किसी प्रतिद्वंद्वी एक्सचेंज पर लिस्ट हो सकता है। इस ऑफर फॉर सेल का सफल निष्पादन मौजूदा शेयरधारकों को लिक्विडिटी प्रदान करने और भारत के पूंजी बाजार में एक महत्वपूर्ण घटना साबित करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.