National Stock Exchange (NSE) ने बाजार में शानदार आगाज किया है। ₹1,785 के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर ₹1,800 पर लिस्ट हुआ और पहले ही दिन **5%** से ज्यादा उछलकर इसका मार्केट कैप **₹4.55 लाख करोड़** पहुंच गया है।
बाजार में धमाकेदार शुरुआत
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के शेयरों की Bombay Stock Exchange पर ₹1,800 पर एंट्री हुई, जो इसके इश्यू प्राइस ₹1,785 से 0.84% ज्यादा है। कारोबार के दौरान इसमें और तेजी देखी गई और यह 5.21% की छलांग लगाकर ₹1,878 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। इस तेजी के बाद कंपनी का टोटल मार्केट कैप ₹4,54,966.88 करोड़ हो गया है, जिससे यह देश की टॉप 10 वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल हो गई है।
दिग्गजों को छोड़ा पीछे
इस वैल्यूएशन के साथ NSE अब Hindustan Unilever और Sun Pharma जैसी बड़ी कंपनियों से आगे निकल गया है। हालांकि, यह अभी भी Life Insurance Corporation of India (LIC) से पीछे है, जिसका मार्केट कैप करीब ₹5.13 लाख करोड़ है। वहीं, अपने प्रतिस्पर्धी Bombay Stock Exchange (BSE) की बात करें, तो NSE का आकार उसके ₹1.32 लाख करोड़ के मार्केट कैप के मुकाबले काफी बड़ा है।
भारी डिमांड और निवेशक भरोसा
यह IPO ₹22,569 करोड़ का था, जिसे निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। कुल डिमांड ₹90,300 करोड़ के पार पहुंच गई और इसे 6 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया। यह निवेशकों के उस भरोसे को दिखाता है जो भारत की फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर में एक्सचेंज की भूमिका पर है।
रेगुलेटरी चुनौतियां और भविष्य
भले ही लिस्टिंग एक मील का पत्थर है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के इतिहास को भी ध्यान में रखना चाहिए। 1992 में स्थापना के बाद से ही इसे कई रेगुलेटरी जांचों का सामना करना पड़ा है। चूंकि यह देश की फाइनेंशियल 'प्लमिंग' का मुख्य हिस्सा है, इसलिए Securities and Exchange Board of India (SEBI) की कड़ी निगरानी हमेशा बनी रहेगी। भविष्य में कंपनी का प्रदर्शन ट्रेडिंग वॉल्यूम, टेक्नोलॉजी की मजबूती और रेगुलेटरी नियमों के पालन पर निर्भर करेगा।
