NSE Listing: बाजार में धमाकेदार एंट्री! ₹4.62 ट्रिलियन के मार्केट कैप के साथ HUL और Titan को पीछे छोड़ा

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AuthorNeha Patil|Published at:
NSE Listing: बाजार में धमाकेदार एंट्री! ₹4.62 ट्रिलियन के मार्केट कैप के साथ HUL और Titan को पीछे छोड़ा

National Stock Exchange (NSE) की आज शानदार लिस्टिंग हुई है। ₹1,800 प्रति शेयर के भाव पर शुरुआत के साथ कंपनी की कुल वैल्यूएशन **₹4.62 ट्रिलियन** तक पहुंच गई है। हालांकि, निवेशक अब रेगुलेटरी बदलावों को लेकर सतर्क हैं।

बाजार में शानदार शुरुआत

National Stock Exchange (NSE) ने गुरुवार को BSE पर अपनी धमाकेदार शुरुआत की। इश्यू प्राइस ₹1,785 के मुकाबले शेयर ₹1,800 पर लिस्ट हुआ। ट्रेडिंग के दौरान यह ₹1,878 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। इस लिस्टिंग के साथ ही कंपनी भारत की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो गई है, जिसने Hindustan Unilever और Titan Company जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है।

बिजनेस का गणित और चुनौतियां

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक NSE के पास 26.1 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड अकाउंट्स हैं। कंपनी का बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर है। आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी की 78.6% ऑपरेटिंग रेवेन्यू ट्रांजैक्शन चार्जेस से आती है, जिसमें ऑप्शंस ट्रेडिंग (Options Trading) का बहुत बड़ा योगदान है।

रिस्क और वैल्यूएशन

फिलहाल मार्केट ने इसे 42.9x के P/E रेशियो पर वैल्यू किया है, जो निवेशकों की ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है। हालांकि, रेगुलेटरी रिस्क यहां सबसे बड़ी चुनौती है। चूंकि NSE की कमाई का मुख्य जरिया ट्रेडिंग फीस है, इसलिए SEBI या सरकार के किसी भी नए नियम—खासकर डेरिवेटिव ट्रेडिंग के वॉल्यूम को सीमित करने वाले सर्कुलर—से कंपनी के मार्जिन पर सीधा असर पड़ सकता है।

निवेशकों को अब कंपनी के तिमाही नतीजों और रेगुलेटरी अपडेट्स पर पैनी नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि यही भविष्य में रेवेन्यू सस्टेनेबिलिटी को तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.