National Highways Infra Trust (NHIT) को लेकर बाजार में चल रही चर्चाओं के बीच स्पष्टीकरण आया है। NHIT साल 2021 से ही भारतीय शेयर बाजारों में लिस्टेड है। हालिया रिपोर्ट्स में इसे नई लिस्टिंग मानने की गलती हो रही है, जो कि Raajmarg Infra Investment Trust (RIIT) के IPO से जुड़ी हो सकती है।
National Highways Authority of India (NHAI) अपने रोड एसेट्स को मॉनेटाइज करने के लिए लगातार InvIT मॉडल का इस्तेमाल कर रही है। निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि नेशनल हाईवे इंफ्रा ट्रस्ट (NHIT) कोई नया नाम नहीं है, बल्कि यह नवंबर 2021 से ही शेयर बाजार में लिस्टेड है। फिलहाल कंपनी का फोकस कैपिटल एक्सपेंशन पर है और अगस्त 2026 में इन्होंने यूनिट्स का प्रिफरेंशियल इश्यू भी शुरू किया है।
भ्रम की स्थिति क्यों बनी?
बाजार में NHIT की नई लिस्टिंग को लेकर जो खबरें चल रही हैं, वे दरअसल NHAI द्वारा प्रायोजित एक और संस्था 'Raajmarg Infra Investment Trust' (RIIT) के IPO के कारण हो सकती हैं, जो मार्च 2026 में BSE पर लिस्ट हुआ था। दोनों ट्रस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करते हैं, लेकिन इनका पोर्टफोलियो और लिस्टिंग हिस्ट्री बिल्कुल अलग है।
मजबूत पोर्टफोलियो और निवेश
NHIT के पास 28 टोल-रोड एसेट्स का एक बड़ा पोर्टफोलियो है, जो 12 राज्यों में करीब 2,655 किलोमीटर तक फैला है। मार्च 2026 तक, इसका एंटरप्राइज वैल्यू लगभग ₹57,373 करोड़ था। इसे Canada Pension Plan Investment Board, Ontario Teachers’ Pension Plan और KKR जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों का समर्थन प्राप्त है।
वित्तीय प्रदर्शन और डिविडेंड
जून 2026 को समाप्त तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें, तो इसका प्री-डिस्ट्रिब्यूशन नेट एसेट वैल्यू (NAV) ₹159.35 प्रति यूनिट रहा। साथ ही, ट्रस्ट ने ₹3.187 प्रति यूनिट के डिस्ट्रीब्यूशन का प्रस्ताव दिया है, जो निवेशकों को स्टेबल रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार की अटकलों के बजाय टोल कलेक्शन, ट्रैफिक ग्रोथ और ब्याज दरों के चक्र जैसे प्रमुख आंकड़ों पर ध्यान दें। एडमिनिस्ट्रेटिव स्तर पर होने वाली मामूली देरी को डिफॉल्ट न समझें, क्योंकि ये पूरी तरह ऑपरेशनल मामले हैं।
