NCLT की बेंगलुरु बेंच ने Byju’s (Think and Learn Private Limited) की एसेट नीलामी पर रोक लगा दी है। कंपनी पर आरोप है कि **₹150 करोड़** की संपत्ति को महज **₹16 करोड़** में बेचा गया, जिसके बाद कोर्ट ने खरीदार Comprint Tech Solutions को सामान सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
विवाद की मुख्य जड़
बेंगलुरु स्थित नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने Think and Learn Private Limited की एसेट लिक्विडेशन प्रक्रिया में दखल देते हुए स्टेटस को (Status Quo) ऑर्डर जारी किया है। यह कदम तब उठाया गया जब कोर्ट को जानकारी मिली कि जिन संपत्तियों की मार्केट वैल्यू करीब ₹150 करोड़ आंकी गई थी, उन्हें रेजोल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा मात्र ₹16 करोड़ में नीलाम कर दिया गया।
कोर्ट का सख्त रुख
यह पूरा विवाद 2 अगस्त, 2026 को जारी नीलामी नोटिस से शुरू हुआ। अब खरीदार कंपनी Comprint Tech Solutions (I) Private Limited को 21 सितंबर, 2026 तक इन संपत्तियों को न तो बेचने और न ही कहीं ले जाने की अनुमति है। ट्रिब्यूनल ने खरीदार को एक हफ्ते के भीतर खरीदी गई सभी वस्तुओं की विस्तृत इन्वेंट्री, फोटो और लोकेशन के साथ जमा करने का निर्देश दिया है।
इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया पर संकट
यह घटना Byju’s के चल रहे इन्सॉल्वेंसी केस में कानूनी अनिश्चितता को और गहराती है। इस नीलामी को K3 Education Private Limited के रेजोल्यूशन प्रोफेशनल और Byju’s के सस्पेंडेड डायरेक्टर्स द्वारा चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि नीलामी प्रक्रिया में भारी धांधली हुई है और इन्सॉल्वेंसी रेगुलेशंस के तहत जरूरी पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया।
आगे क्या होगा?
विवाद का एक अहम पहलू 'इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड' की व्याख्या से जुड़ा है। आरोप है कि नीलामी में ऐसी संपत्तियां भी शामिल की गईं जो किसी तीसरे पक्ष की थीं और उन्हें कॉर्पोरेट डेटर की एसेट नहीं माना जा सकता। फिलहाल, क्रेडिटर्स और कर्मचारियों की निगाहें अब 21 सितंबर की सुनवाई पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि क्या इस नीलामी को रद्द किया जाएगा या एसेट्स का दोबारा वैल्यूएशन कराया जाएगा।
