NCDEX अब मल्टी-एसेट प्लेटफॉर्म बनने की तैयारी में है। एक्सचेंज 22 अक्टूबर को दो इक्विटी और दो एग्रीकल्चर इंडेक्स लॉन्च करने जा रहा है, हालांकि रेगुलेटरी नियमों के चलते इक्विटी डेरिवेटिव्स के लिए निवेशकों को 2027 तक का इंतजार करना होगा।
मल्टी-एसेट प्लेटफॉर्म की दिशा में कदम
कमोडिटी मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत रखने के बाद अब NCDEX अब अपने दायरे को बढ़ाने की तैयारी में है। 22 अक्टूबर को एक्सचेंज कुल 4 नए इंडेक्स पेश करेगा, जिनमें लार्ज-कैप इक्विटी और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर पर आधारित विकल्प शामिल हैं। इसके अलावा, ग्वार और मसालों के लिए ट्रैकिंग इंस्ट्रूमेंट्स की भी फिर से वापसी हो रही है, जिन्हें फरवरी 2022 में बंद कर दिया गया था।
इक्विटी डेरिवेटिव्स पर ब्रेक क्यों?
एक्सचेंज ने स्पष्ट किया है कि इक्विटी डेरिवेटिव्स का लॉन्च अब 2027 के मध्य तक टाल दिया गया है। इसके पीछे मुख्य कारण SEBI के सख्त नियम हैं। रेगुलेटर के अनुसार, कैश इक्विटी ट्रेडिंग शुरू होने और डेरिवेटिव्स लॉन्च करने के बीच कम से कम 6 महीने का गैप अनिवार्य है, ताकि बाजार में पर्याप्त लिक्विडिटी (Liquidity) सुनिश्चित की जा सके।
दिग्गजों का मिल रहा है साथ
NCDEX के इस आधुनिकीकरण के पीछे कई बड़े निवेशकों का हाथ है। इसमें राधाकिशन दमानी, मधु केला और रमेश दमानी जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, Zerodha और Groww जैसे रिटेल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स का सपोर्ट भी एक्सचेंज को मिल रहा है। तकनीक के मोर्चे पर NCDEX ने Tata Consultancy Services (TCS) के साथ हाथ मिलाया है।
