भारतीय म्यूचुअल फंड्स ने स्मॉलकैप कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर अब 815 कंपनियों तक पहुँचा दी है। वहीं, प्राइमरी मार्केट में रौनक लौटने वाली है क्योंकि Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर से निवेश के लिए उपलब्ध होगा।
स्मॉलकैप में फंड मैनेजरों का भरोसा
एसेट मैनेजर्स लगातार स्मॉलकैप सेक्टर में अपना दायरा बढ़ा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 तक म्यूचुअल फंड्स का 815 कंपनियों में ₹10 करोड़ से अधिक का निवेश है, जो दिसंबर 2025 में 803 था। निवेशकों का भरोसा बढ़ने के कारण स्मॉलकैप ओरिएंटेड स्कीम्स में लगातार पैसा आ रहा है, और औसत हिस्सेदारी भी 9.45% से बढ़कर 9.75% हो गई है।
प्राइमरी मार्केट में हलचल
बाजार में सुस्ती के दौर के बाद, अब आईपीओ (IPO) बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। Jio Platforms अपना मेगा आईपीओ लेकर आ रहा है, जिससे कंपनी ₹30,213 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। इसके साथ ही Paras Healthcare का आईपीओ भी दस्तक दे रहा है। ग्रे मार्केट के रुझानों की बात करें तो, Jio Platforms पर 22% और Paras Healthcare पर 14% तक का प्रीमियम देखा जा रहा है। ये दोनों कंपनियां 28 अक्टूबर तक शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती हैं।
GIFT City पर रेगुलेटर की सख्ती
इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (GIFT City) में काम करने वाली कंपनियों पर IFSCA ने शिकंजा कसा है। हाल ही में, Emkay Global Financial Services IFSC पर नियमों के उल्लंघन के लिए ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, Vels Aviation Services IFSC और Ozeevo Shipping IFSC जैसी कंपनियों को भी औपचारिक चेतावनी जारी की गई है। रेगुलेटर अब ऑपरेशंस की इंटीग्रिटी और अनुपालन (Compliance) पर पूरी नजर रखे हुए है।
निवेशकों के लिए सलाह है कि आने वाले दिनों में आईपीओ के सब्सक्रिप्शन ट्रेंड्स और IFSCA के नए रेगुलेटरी अपडेट्स पर पैनी नजर रखें, क्योंकि ये दोनों ही बाजार की रिस्क-एपेटाइट को तय करेंगे।
