मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने निर्मल कोटेचा को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। मार्केट मैनिपुलेशन के इस पुराने केस में कोटेचा सेटलमेंट फीस देकर बाहर निकलना चाहते थे, लेकिन कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए ट्रायल जारी रखने का आदेश दिया है।
मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने स्टॉक ट्रेडर निर्मल कोटेचा को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने Pyramid Saimira Theatre Limited (PSTL) शेयर मैनिपुलेशन मामले को सेटलमेंट के जरिए खत्म करने की उनकी अपील को खारिज कर दिया है। हालांकि, मार्केट रेगुलेटर SEBI ने लगभग ₹1.52 करोड़ की सेटलमेंट राशि पर अपनी सहमति जता दी थी, लेकिन जज ने इसे मंजूर नहीं किया।
क्यों ठुकराई गई अर्जी?
प्रिसाइडिंग जज आर. एम. जाधव ने स्पष्ट किया कि बाजार की पारदर्शिता और पब्लिक इंटरेस्ट के आगे कोई भी निजी सेटलमेंट नहीं टिक सकता। कोर्ट के मुताबिक, शेयर प्राइस मैनिपुलेशन और रेगुलेटर का जाली लेटर तैयार करने जैसे गंभीर आरोप केवल एक मामूली फीस चुकाकर खत्म नहीं किए जा सकते। यह फैसला साफ संदेश देता है कि गंभीर आर्थिक अपराधों में कोर्ट सेटलमेंट के दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
कोटेचा का पुराना विवादित रिकॉर्ड
Pyramid Saimira का यह मामला काफी पुराना है और अब यह कंपनी निवेशकों के लिए एक लेगेसी एंटिटी मात्र रह गई है। निर्मल कोटेचा का नाम पहले भी विवादों में रहा है। SEBI ने उन्हें इस मामले में 14 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से बैन कर दिया था। इसके अलावा, साल 2023 में उन्हें Taksheel Solutions IPO स्कैम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार भी किया था।
यह आदेश दर्शाता है कि अब कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह से चलेगी और आरोपी को ट्रायल का सामना करना होगा। बाजार के जानकारों के लिए यह एक अहम सबक है कि सरकारी रेगुलेटर के साथ समझौता होने के बावजूद, न्यायपालिका का रुख किसी भी बड़ी धांधली के खिलाफ सख्त बना हुआ है।
