संवत 2083 का स्वागत करने के लिए शेयर बाजार पूरी तरह तैयार है। इस साल मुहूर्त ट्रेडिंग **8 नवंबर 2026** को दोपहर **2:20 बजे से 3:30 बजे** तक होगी। संवत 2082 में बाजार में **10-11%** की गिरावट देखी गई थी, ऐसे में अब निवेशक नए साल से अर्निंग रिकवरी और विदेशी निवेश की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
भारतीय शेयर बाजार में हर साल की तरह इस बार भी मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन 8 नवंबर 2026 को किया जाएगा। यह एक घंटे का खास सत्र हिंदू कैलेंडर वर्ष 'संवत 2083' की शुरुआत का प्रतीक है। बाजार के लिए प्री-ओपन सेशन दोपहर 2:05 से 2:20 के बीच रहेगा, जिसके बाद मुख्य ट्रेडिंग दोपहर 2:20 से 3:30 तक चलेगी।
संवत 2082 का कठिन दौर
मुहूर्त ट्रेडिंग को पारंपरिक रूप से निवेश के लिए शुभ माना जाता है, लेकिन यह सत्र एक चुनौतीपूर्ण साल के बाद आ रहा है। संवत 2082 के दौरान Nifty 50 और BSE Sensex में करीब 10-11% तक की बड़ी गिरावट देखी गई। इस उतार-चढ़ाव के पीछे मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) द्वारा जमकर की गई बिकवाली रही।
संवत 2083 का आउटलुक
आने वाले साल के लिए बाजार एक्सपर्ट्स का नजरिया 'सावधानी के साथ आशावादी' बना हुआ है। अब पूरा फोकस अर्निंग्स पर टिका है। इसके अलावा, क्रूड ऑयल की कीमतों में स्थिरता और ब्याज दरों का रुख बाजार की दिशा तय करेगा। बाजार में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं, जिससे ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और बैंकिंग (BFSI) जैसे सेक्टर्स में मांग बढ़ने की उम्मीद है।
किन रिस्क पर रखें नजर?
भले ही मुहूर्त का उत्साह है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। अगर कच्चे तेल के दाम अचानक बढ़े, तो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। साथ ही, FIIs का निवेश रुख भी बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर बना रहेगा। हालांकि पिछले 10 में से 8 बार मुहूर्त ट्रेडिंग में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ है, लेकिन निवेशकों को इसे केवल एक शुभ संकेत मानकर ही आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि साल का असली प्रदर्शन कॉर्पोरेट अर्निंग्स और इकोनॉमिक डेटा पर ही निर्भर करेगा।
